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डाउनलोड करेंपानीपत। जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे इनेलो के अजय चौटाला की अंतरिम जमानत 19 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। आज दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में उनकी जमानत बढ़ाई गई है। हैल्थ ग्राउंड के आधार पर न्यायालय ने अंतरिम जमानत बढ़ाई है। चौटाला के वकील ने न्यायालय में उनकी हेल्थ रिपोर्ट भी पेश की।
गौरतलब है कि अजय चौटाला पिछले काफी समय से हैल्थ ग्राउंड के आधार पर जमानत पर हैं। अजय चौटाला अभी मेदांता अस्पताल में उपचाराधीन हैं। आज हुई सुनवाई में उनके वकील ने कोर्ट में पक्ष रखा कि अजय चौटाला की तबीयत ठीक नहीं है, जिसके आधार पर उनकी जमानत 19 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी गई थी। घूस लेकर शिक्षक भर्ती करने के मामले में चौटाला 17 जनवरी 2013 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं। बता दें कि इससे पहले भी अजय चौटाला कईं दफा जमानत पर इलाज के लिए बाहर आ चुके हैं।
62 आरोपी थे इस मामले में
करीब 12 साल पुराने इस मामले में कुल 62 आरोपी थे। इनमें से एक आरोपी को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ही बरी कर दिया था और 6 अन्य की मौत हो चुकी है। बचे 55 आरोपियों को कोर्ट ने 17 जनवरी को दोषी करार दिया था, तभी से ओम प्रकाश चौटाला, अजय चौटाला और शेर सिंह बड़शामी तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं।
ये था जेबीटी प्रकरण
- नवंबर 1999 में 3206 शिक्षक पदों का विज्ञापन जारी हुआ।
- अप्रैल 2000 में रजनी शेखर सिब्बल को प्राथमिक शिक्षा निदेशक नियुक्त किया गया।
- जुलाई 2000 में रजनी शेखर को पद से हटाकर संजीव कुमार को निदेशक बनाया गया।
- दिसंबर 2000 में भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और 18 जिलों में जेबीटी शिक्षक नियुक्त हुए।
- जून 2003 में संजीव कुमार इस मामले में धांधली होने का हवाला देकर मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गए।
- नवंबर 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच करने के आदेश दिए।
- मई 2004 में सीबीआई ने जांच शुरू की।
- फरवरी 2005 में संजीव कुमार से पूछताछ. हुई।
- जून 2008 में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल।
- जुलाई 2011 में सभी आरोपियो के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए गए।
- दिसंबर 2012 में केस की सुनवाई पूरी हुई।
- 16 जनवरी 2013 को ओमप्रकाश चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला समेत 55 दोषी करार दिए गए।
- 22 जनवरी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई।
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