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कैब-टैक्सी को लेकर सरकार ने मांगी दिल्ली की पॉलिसी

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. दिल्ली में कैब में एक युवती से रेप की घटना के बाद अब प्रदेश सरकार भी सचेत हो गई है। प्रदेश में इस तरह की अनहोनी से आशंकित प्रदेश सरकार ने दिल्ली गवर्नमेंट से उस पॉलिसी और कानून की जानकारी मांगी है, जिसके तहत उबेर कंपनी और कैब पर कार्रवाई की गई है। इस संबंध में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से दिल्ली सरकार को पत्र लिखा गया है। चंडीगढ़ के साथ-साथ पंचकूला, अम्बाला, पानीपत, सोनीपत, करनाल, गुड़गांव, फरीदाबाद समेत कई शहरों में कैब और टैक्सी चल रही हैं। गुड़गांव में तो देर रात तक भी महिलाएं टैक्सियों में सफर करती हैं। इनमें ज्यादातर टैक्सियां ऑल इंडिया परमिट, स्टेट कांट्रेक्ट कैरिज परमिट और काउंटर परमिट पर ही चल रही हैं। सरकार की चिंता यह है कि यहां इस तरह की कोई घटना न हो, इसलिए पहले ही सुधारात्मक उपाय कर लिए जाएं।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में उबेर कंपनी की कैब के ड्राइवर शिव कुमार यादव ने शुक्रवार की रात एक 25 वर्षीय युवती से दुष्कर्म किया था। बाद में उसे उत्तर प्रदेश के मथुरा से गिरफ्तार किया गया। इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और जघन्य मानते हुए सरकार ने टैक्सी का परमिट, पंजीकरण प्रमाण पत्र और चालक का लाइसेंस रद्द कर दिया था।

उबेर कंपनी को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के उल्लंघन का आरोपी पाया गया है, क्योंकि उसने ऑल इंडिया परमिट वाली टैक्सी को स्थानीय यात्रा के लिए सवारियों को उपलब्ध कराया।