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कॉलेज में तोड़फोड़: छात्र कक्षाओं का बहिष्कार कर कॉलेज परिसर में धरना

7 वर्ष पहले
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इसराना (पानीपत)। एनसी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के छात्रों ने मंगलवार को कॉलेज में तोड़फोड़ की और बस में आग लगा दी। दो घंटे तक कॉलेज में बवाल होता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ डीएसपी के पहुंचने पर हंगामा करने वाले छात्र कॉलेज से बाहर निकल गए। छात्रों ने नारेबाजी कर कॉलेज प्रबंधन पर टाइम टेबल में बदलाव, प्लेसमेंट के नाम पर धोखा, फीस में बढ़ोतरी और मनमाने नियम थोपने का आरोप लगाया। कॉलेज परिसर में बस में आग लगाने की वारदात को कॉलेज प्रबंधन ने बाहरी शरारती तत्वों की करतूत बताया।
कॉलेज के डायरेक्टर को हटाने की मांग

मंगलवार की सुबह 9 बजे कक्षाओं का बहिष्कार कर छात्र कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। कॉलेज के डायरेक्टर को हटाने और टाइम टेबल में बदलाव की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। आधे घंटे तक नारेबाजी के बाद छात्र तोड़फोड़ पर उतारू हो गए। बिल्डिंग में कमरों के दरवाजे और खिड़कियां के शीशे तोड़ दिए। तब तक कॉलेज कैंपस में करीब 1500 छात्र जमा हो गए।
10 बजे कॉलेज प्रबंधन की ओर से एस्टेट ऑफिसर मेजर रामकुमार ने छात्रों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन इस बीच छात्रों ने कैंपस में खड़ी एक बस में आग लगा दी। सूचना मिलने पर डीएसपी सुल्तान सिंह पुलिसकर्मियों के साथ कॉलेज पहुंचे। जब तक दमकल की गाड़ी घटना स्थल पर पहुंची तब तक बस जल चुकी थी। पुलिस को देखकर छात्र फरार हो गए।
ये हैं कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों के आरोप
> सुबह पहले 9:00 बजे क्लास लगती थी, अब समय बदलकर सुबह 8:45 बजे कर दिया गया। इसी तरह शाम को क्लास पहले जहां 4:30 बजे खत्म होती थी, उसे बढ़ाकर 4:45 बजे कर दिया गया।
> पहले 1.40 घंटे का ब्रेक होता था। अब घटाकर 30 मिनट कर दिया गया है।
> रोहतक, जींद, करनाल, सोनीपत आदि जगहों के बच्चे कॉलेज में आते हैं। जिसके लिए लगाई गई बस स्टॉप पर दो मिनट तक इंतजार नहीं करती। जबकि ट्रांसपोर्ट फीस में 3 हजार से अधिक की बढ़ोतरी कर दी गई है।
> प्लेसमेंट के नाम पर रजिस्ट्रेशन के लिए 7 से 8 हजार रुपए तक लिए जाते हैं, लेकिन नौकरी नहीं मिलती।
> होस्टल का 6 महीने का खर्चा 35 हजार रुपए तक लिया जाता, लेकिन खाना अच्छा नहीं मिलता।
> सेशनल एग्जाम पहले बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को दो-दो विषय होते थे। अब इसे शनिवार और रविवार को तीन-तीन विषय में बांट दिया गया है। छुट्टी के दिन कॉलेज आने से भी छात्रों में गुस्सा था।
> महीने में होने वाली पहले तीन विषय की परीक्षा में से दो विषय में अच्छे अंक लाना आवश्यक था। दो विषय में अच्छा अंक लाने वाले छात्र तीसरी परीक्षा नहीं देते थे। अब परीक्षा में अनुपस्थित होने पर प्रति परीक्षा 500 रुपए जमा कराने के आदेश जारी किए हैं।
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