भास्कर सर्वे: 21-जिले, 90 विधानसभा क्षेत्र, 5000 लोगों की राय
पानीपत. हर राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दे उठा रहा है। मतदाता क्या सोचते हैं? उनकी नजर में कौन सा मुद्दा बड़ा है और कौन सा बेमायने। यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ने अपने नेटवर्क के जरिये प्रदेश भर में अलग-अलग वर्गों से पांच हजार लोगों की राय जानी। साथ ही चार बड़े शहरों पानीपत, रोहतक, अम्बाला और हिसार में फोकस ग्रुप डिसक्शन के जरिये रायशुमारी की। लोगों ने विकास में हुए भेदभाव को प्रदेश का सबसे बड़ा मुद्दा माना।
विकास में क्षेत्रवाद कहें या भेदभाव, बात एक ही है। ये पहले राजनीतिक दलों में अहम मुद्दा रहा और चुनावी वेला आते-आते इसने सत्तारूढ़ दल को ही दो फाड़ कर डाला। जनता को भी इसी बात ने सबसे ज्यादा आहत किया। लगभग 20 प्रतिशत लोगों ने माना कि विकास के मामले में क्षेत्र विशेष पर ध्यान दिया गया और शेष राज्य की अनदेखी हुई।
नंबर दो पर महंगाई का मुद्दा है। खासकर महिलाओं ने तो इसे पहले नंबर पर रखा है। नंबर तीन पर सरकारी नौकरियों में बंदरबाट का मुद्दा है। हालांकि युवाओं की नजर में यह नंबर एक पर है।
नंबर-4 पर महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा है। दिलचस्प है कि महिलाओं की नजर में भी यह मुद्दा नंबर दो पर ही है। बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुिवधाओं की दयनीय हालत भी लोगों की नजर में पांच नंबर का मुद्दा है।
जनता ने नंबर-6 पर भूमि अधिग्रहण और चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) में हेराफेरी को रखा है। प्रदेश में पिछले पांच साल में भूमि अधिग्रहण सुर्खियों में रहा है। दलित उत्पीड़न को नंबर-7 का मुद्दा रखा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ नेता तो इसके लिए अपनी ही सरकार को घेरते रहे हैं वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी कई बार टिप्पणी की।
साइट पर फाइट: सबसे आगे दीपेंद्र हुड्डा फिर कुलदीप बिश्नोई
लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया का असर देख चुके नेता विधानसभा चुनाव में अब ऑनलाइन फील्डिंग भी जमकर कर रहे हैं। आभासी दुनिया
फेसबुक में लोगों से जुड़ने की बात की जाए तो इस समय दीपेंद्र हुड्डा सबसे आगे हैं। उनके बाद हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई के पेज को पसंद किया गया है।
क्या वोट भी मिलते हैं
कहना मुश्किल। क्योंकि ऑनलाइन लाइक्स खरीदे भी जाते हैं और एक-एक व्यक्ति सभी नेताओं के पेज पसंद कर लेते हैं। वोट तो किसी एक को ही देना होता है।
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