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डाउनलोड करेंसोनीपत. ‘पांच साल बहुत तकलीफ हुई, बहुत कष्ट हुआ। जो फिल्म फाइनेंसर कांग्रेस से जुड़े थे वे फिल्मों का फाइनेंस करने आगे नहीं आए और जो भाजपा के थे उन्हें तो आगे आना ही नहीं था। पांच साल का यह समय बहुत बड़ा पीरियड लगा और परेशानी तो कह नहीं सकते। फिल्में रिलीज नहीं हुईं।’ गोविंदा राजनीति में आने के बाद एक दम से फिल्मों पर ब्रेक लगने व राजनीतिक जीवन के अनुभव पर पूछे गए सवाल के जवाब में बोल रहे थे।
फिल्म स्टार व पूर्व सांसद गोविंदा ने रविवार को सोनीपत से गोहाना एक निजी कार्यक्रम में सतीश राज देशवाल के बुलावे पर जाते समय गाड़ी में दैनिक भास्कर से बातचीत की। अपने राजनीतिक जीवन से लेकर लेकर लोगों को गुदगुदाने के बारे में वे खुलकर बोले। साथ ही पांच और 12 रुपए में भरपेट खाना मिलने की चल रही बहस से खुद को अलग करते हुए कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि भूखे को सब पता होता है कि उसे कहां भोजन मिल सकता है। इसके आगे मैं कुछ नहीं कहूंगा।
हरियाणा की हरियाली पर किए सवाल
सोनीपत से गोहाना के रास्ते के में खेतों की हरियाली, तालाब व मंदिर देखकर गोविंदा काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने अपने मैनेजर ए. नारायणों व जितेंद्र राठी से पूछा कि यहां कभी शूटिंग हुई है क्या। जब बताया गया कि नहीं हुई तो वे काफी चिंतित हुए। उन्होंने कहा नारायणों क्या बता सकता है कि यहां बॉलीवुड का कैमरा क्यों नहीं घूमा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पता था कि यश चोपड़ा ने यहां शूटिंग की है तो उन्हें बताया गया कि वे सिर्फ गुड़गांव तक सीमित रहे। उन्होंने जौली गांव के हनुमान मंदिर पर रुककर बजरंग बली से आशीर्वाद लिया और 1101 रुपए भी मंदिर में चढ़ाए।
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