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बिजली कट रोकने और सप्लाई की डिटेल जानने ट्रांसफार्मरों पर लगेंगे डीटी मीटर

7 वर्ष पहले
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पानीपत. बिजली उपभोक्ताओं को जल्दी ही दिन-रात लगने वाले बिजली कटों से मुक्ति मिलेगी। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से सभी ट्रांसफार्मरों पर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर (डीटी मीटर) लगाएगा। इन मीटरों का उपयोग ट्रांसफार्मर की पावर सप्लाई को मापने में किया जाएगा, ताकि संबंधित ट्रांसफार्मर से चल रहे कनेक्शनों का पता चल सके। डीटी मीटर से ओवरलोड का पता चल जाएगा। बिजली अधिकारी ओवरलोड को कम करेंगे और अनावश्यक कटों पर रोक लगा सकेेंगे।

डीटी मीटर किसी भी ट्रांसफार्मर, फीडर व पावर हाउस से आने वाली पावर सप्लाई को ऑडिट करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसमें एक पावर मैग्नेटिक चिप होती है, जो रिमोट से कार्य करती है। एक मीटर की कीमत करीब 12 हजार तक बताई जा रही है। इस तरह से पानीपत सर्कल में 15,106 ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर लगाने में निगम को करीब 18 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
ओवरलोड से मिलेगी मुक्ति
मीटरों का सही तरह से प्रयोग हो तो इससे निगम व उपभोक्ता दोनों को फायदा होगा। अतिरिक्त लाइन लोस कम होगा, वहीं उपभोक्ताओं को अघोषित कटों से मुक्ति मिलेगी। ट्रांसफार्मर में लगे डीटी मीटर की जांच करने पर अधिकारियों को पता चल जाएगा कि किस एरिया में ट्रांसफार्मर पर लगे कनेक्शनों की खपत कितनी है। अगर किसी ट्रांसफार्मर से अवैध कनेक्शन चलाए जा रहे हैं तो इसकी जानकारी डीटी मीटर दे देगा। डीटी मीटर से पता चल जाएगा कि कितने लोड का कनेक्शन दिया गया है और कितनी िबजली चोरी हो रही है। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों से जुड़े क्षेत्रों का पता चलते ही अधिकारियों की टीम बिजली चोरों पर कार्रवाई करेगी।
सर्कल में ये है ट्रांसफार्मरों की संख्या
इस समय सर्कल में ट्रांसफार्मरों की संख्या 15106 है। इनमें 6.3 के 283, 10 के 437, 16 के 1270, 20 के 41, 25 के 4853, 40 के 14, 63 के 3389, 100 के 3565, 160 के 41, 200 के 835, 250 के 67, 300 के 97, 400 के 69, 500 के 64, 630 के 71, 900 से 1000 तक के 40, 1200 से 1250 तक के 14 व 2000 की क्षमता के 6 ट्रांसफार्मर हैं। इन सभी ट्रांसफार्मरों पर अब नए सिरे से डीटी मीटर लगाए जा रहे हैं।
मीटर के काम
> ट्रांसफार्मर की क्षमता बताता है डीटी मीटर।
> ट्रांसफार्मर ने फीडर से कितनी सप्लाई प्राप्त की।
> ट्रांसफार्मर से जुड़े वैध कनेक्शनों में कितनी खपत हुई।
> अवैध कनेक्शनों के रूप में कितनी बिजली चोरी हुई।
> ट्रांसफार्मर कितना ओवर लोड चल रहा है।
> कितना लाइन लोस हुआ।
> यह सब जानकारी इनकी सहायता से मिलेगी।
वर्ष 2008 में भी लगे थे डीटी मीटर
इससे पहले वर्ष 2008 में भी सर्कल में डीटी मीटर लगे थे। बताया जा रहा है कि उस समय ट्रांसफार्मरों की संख्या करीब 13 हजार। सभी ट्रांसफार्मरों पर मीटर लग नहीं पाए थे। इसके बाद कुछ ट्रांसफार्मर जल गए तो कुछ की क्षमता बढ़ गई। सभी मीटर सही तरह से प्रयोग में नहीं आए और ज्यादातर मीटर खराब हो गए।
सभी ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर लगाए जा रहे हैं। ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर लगने लाइन लोस व बिजली चोरी पर रोक लगेगी। इससे पहले मीटर लगाए जाने की कोई जानकारी नहीं है।
- एमएस दहिया, एसई, पानीपत सर्कल, बिजली निगम