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जानिए पहले वोटर की जाति, फिर लड़ाइए उम्माद्वारों को चुनाव

7 वर्ष पहले
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पानीपत। हरियाणा की राजनीति का गणित जातीय समीकरणों में उलझा रहता है। इसी गणित को हल करने के लिए राजनीतिक दल खूब माथा-पच्ची करते हैं, इस बार भी कर रहे हैं। समुदायों के आधार पर बहुत से संगठन भी बने हैं जो राजनीतिक दलों पर प्रेशर ग्रुप का काम करते हैं। टिकट के अलावा दल इन समुदायों के मुद्दों को भी अपने एजेंडे में रखते हैं।
सबसे ज्यादा वोटर जाट समुदाय से हैं, जिनका प्रेशर ग्रुप खापें हैं। उनके बाद पंजाबी, सिख, वैश्य और ब्राह्मण समाज हैं, जो अपने वोटों के वजन के ‘बराबर’ टिकट मांग रहे हैं। प्रदेश की 90 में से कम से कम 30 सीटों पर ऐसे ही समीकरणों काे साधने में पार्टियां जुटी हैं। इनेलो की 73 और भाजपा की 43 प्रत्याशियों की लिस्ट में प्रत्याशी तय करते वक्त समुदाय के वोटरों की संख्या को ध्यान में रखा गया है।
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