पानीपत। 13वीं विधानसभा के चुनाव में बहुत कुछ एेसा है, जो पहली बार हो रहा है। जैसे किसी का राजनीति में पहला कदम है तो किसी का पहला विधानसभा चुनाव। बहुत से एेसे हैं, जो पहली जीत की तलाश में हैं। प्रमुख दलों में इनेलो और भाजपा ने पहली बार कुल 28 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है, इनमें से ज्यादातर का पहला चुनाव है।
28 महिलाएं, नए चेहरों को मौका
भाजपा की लतिका शर्मा (कालका), रोहिता रेवड़ी (पानीपत सिटी), वंदना शर्मा (सफीदों), सुनीता सेतिया (सिरसा), सुनीता दुग्गल (रतिया), विमला चौधरी (पटौदी), संतोष दनौदा (नरवाना), प्रेमलता (उचाना) पहली बार विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरेंगी। इनेलो में भी निर्मला तंवर (महेंद्रगढ़), कमलेश (नारनौल), मंजू चौधरी (नांगल चौधरी), पिंकी छप्पर (साढौरा), रामभतेरी (समालखा) और उषा कश्यप (इंद्री), डॉ.संतोष दहिया (बेरी) एेसे नाम हैं, जिनके जीवन का पहला विधानसभा चुनाव है। कई का तो कॅरिअर का ही पहला चुनाव है।
एेसा क्यों : महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की होड़ में प्रत्याशी बनाना तय था लेकिन पार्टियों पर महिला चेहरों की कमी है। इसी वजह से नए चेहरों को मौका मिला है।
भाजपा के ये पहली बार मैदान में
यशवीर डागर (फरीदाबाद एनआईटी), विपुल गोयल (फरीदाबाद), दीपक मंगला (पलवल), ओमप्रकाश यादव (नारनौल), बनवारी लाल (बावल), विक्रम ठेकेदार (कोसली), डॉ. पवन सैनी (लाडवा), जयभगवान शर्मा (पिहोवा), एमएल खट्टर (करनाल), असीम गोयल (अम्बाला सिटी), कर्ण देव कंबोज (इंद्री), गुणपाल (तोशाम), शशिकांत कौशिक (समालखा), महीपाल ढांडा (पानीपत ग्रामीण), संजीव (जुलाना), सुखविंद्र माढी (बाढड़ा), विशंबर वाल्मीकि (बवानीखेड़ा), इकबाल जेलदार (पुन्हाना), पवन बैनीवाल (एेलनाबाद), देवराज शर्मा (डबवाली), राजेंद्र (कालांवाली), कर्ण सिंह रानौलिया (आदमपुर), सुरेंद्र पूनिया-(बरवाला), धर्मपाल शर्मा (कलायत) पहली बार विधानसभा चुनाव फेस करेंगे।
इनमें से तो कई एेसे हैं, जिन्होंने कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा। एेसा क्यों-भाजपा के पास मजबूत नेताओं की कमी है। दूसरे दलों के नेताओं ने भाजपा में खूब एंट्री मारी। पार्टी ने संतुलन बनाने के लिए अपने नए नेताओं को मौका दिया।
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