पानीपत। भाजपा सरकार के खिलाफ कर्मचारियाें का गुस्सा फूट पड़ा। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले मांगों को लेकर प्रदेशभर में हजारों कर्मचारी सड़क पर उतरे और सीएम के नाम मांग पत्र सौंपे। इसमें हरियाणा रोडवेज, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट, अध्यापक संघ और बिजली बोर्ड के कर्मचारी मौजूद रहे।
अध्यापक संघ के राज्य प्रधान प्रदीप सरीन ने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सभी मांगें शामिल की थीं, लेकिन सरकार अब मुकर रही है। कर्मचारियों में लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष है, फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कंप्यूटर शिक्षकों को भी समर्थन का ऐलान
कर्मचारियों ने ऐलान किया कि आंदोलन के दूसरे चरण में सभी ट्रेड यूनियनों व अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी परिसंघ द्वारा 26 फरवरी को जंतर-मंतर पर सत्याग्रह आंदोलन के तहत हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर हजारों कर्मचारी गिरफ्तारियां देंगे। इसके साथ-साथ कर्मचारी महासंघ ने शिक्षा बोर्ड भिवानी के कर्मचारी आंदोलन व पंचकूला में चल रहे कंप्यूटर शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया।
धरने को एंटक व महासंघ के पूर्व प्रधान बलदेव सिंह घणघस, रोडवेज कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान दलबीर नेहरा, बहुउद्देशीय महिला स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की राज्य प्रधान सुशीला ढांडा, महासंघ की राज्य सचिव राजबाला शर्मा, हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के राज्य प्रधान बलराज देशवाल, एसएचईबी के प्रांतीय प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा, हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ राज्य प्रधान देवेंद्र खुंगा, महासंघ की जिला वरिष्ठ उपप्रधान राज श्योराण आदि शामिल रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
> पंजाब के समान वेतनमान मिले
> बिना शर्त कर्मचारी पक्के हों
> खाली पड़े पद भरे जाएं, इन पदों को स्थायी नियुक्ति से भरा जाए।
> वेतन विसंगतियां दूर हों, कमेटी का गठन किया जाए।
(फोटो- पंचकूला सेक्टर-5 के थाना एसएचओ को ज्ञापन सौंपते धरने पर बैठे कंप्यूटर शिक्षक।)