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जमीन अधिग्रहण मामले में किसानों को उम्मीद, बढ़ेगा मुआवजा

7 वर्ष पहले
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रेवाड़ी। बावल में 3,600 एकड़ जमीन के मुआवजे के मामले में भाजपा नेताओं के कूदने पर किसानों को मुआवजा राशि बढ़ने की आस दिखाई दे रही है। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दिल्ली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से मुलाकात की। खट्टर ने भरोसा दिलाया है कि मुआवजा राशि को लेकर गठित रिव्यू कमेटी जल्द ही रिपोर्ट दे देगी। इस कमेटी में बावल से भाजपा विधायक बनवारी लाल को भी लिया गया है, जो खुलकर किसानों के साथ हैं।
किसानों का दावा : नई नीति के तहत नहीं दिया जा रहा मुआवजा
किसानों की पैरवी कर रहे रिटायर प्रोफेसर निहाल सिंह का कहना है कि नई भूमि अधिग्रहण नीति में साफ उल्लेख है कि गांव की जमीन को अधिग्रहित किया जाता है तो मुआवजा कलेक्टर रेट से चार गुणा और शहर में डबल मिलेगा। जबकि 27 नवंबर 2014 को सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि शहर और गांव की जमीन का मुआवजा बराबर कलेक्टर रेट पर एक गुणा बढ़ा हुआ मिलेगा।
24 अगस्त 2014 को भी सरकार ने जमीन अधिग्रहण को लेकर नोटिफिकेशन किया था। इसमें एक जनवरी से 31 दिसंबर तक के दौरान हुई रजिस्ट्री के आधार पर मुआवजा राशि निर्धारित करने की बात कहीं गई थी, जबकि नई नीति में तीन साल का प्रावधान है।