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‘किसान मसीहा’ का भाषण पहली बार सुनेंगे लोग

7 वर्ष पहले
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झज्जर. किसानों को ऋण मुक्ति और साहूकारों की चंगुल से बचाने के लिए कानून बनाने में अहम योगदान देने वाले सर छोटूराम को लोग पहली बार भाषण देते देख और सुन सकेंगे। यह संभव होगा, 2 फरवरी को उनके पैतृक गांव गढ़ी सांपला में। जहां उनके ऐतिहासिक भाषण की वीसीडी को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा।
छोटू राम के नाती राज्यसभा सांसद बीरेंद्र सिंह ने यह सीडी पाकिस्तान से मंगवाई है। छोटूराम का यह भाषण एक अंग्रेज पत्रकार ने वर्ष 1942 में लाहौर में रिकॉर्ड किया गया था। आठ मिनट की इस सीडी में छोटूराम किसानों के उत्थान व उनकी मौजूदा हालात के बारे में ध्यान दिला रहे हैं। इस रिकॉर्ड की मूल प्रति पाक में छोटूराम के मुरीद द्वारा बनाए गए संग्रहालय में धरोहर के रूप में सुरक्षित है।
गढ़ी सांपला में पिछले चार दशक से हर साल सर छोटूराम की जयंती मनाई जाती है। आयोजन समिति से जुड़े गढ़ी सांपला के पूर्व सरपंच रणवीर सिंह ने बताया कि इस बार के राज्यस्तरीय समारोह में छोटूराम को करीब से जानने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री चौ. चांदराम, पूर्व राज्यपाल सुल्तान सिंह, पूर्व एमएलसी चौ. उदय सिंह मान व पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह सर छोटूराम की स्मृतियों को ताजा करेंगे।
हरियाणा की शान छोटूराम
ब्रिटिश सरकार में सर की उपाधि से सम्मानित छोटूराम का जन्म 24 नवंबर 1881 में गढ़ी सांपला में हुआ। 9 जनवरी 1945 में उनका निधन हुआ। जनवरी 1891 में उन्होंने प्राइमरी स्कूल की परीक्षा पास कर मिडल स्कूल झज्जर में दाखिला किया। 1905 में सेंट स्टीफन कालेज से स्नातक किया। 1911 में आगरा से वकालत की डिग्री ली। उन दिनों इतनी पढ़ाई उस समय के हरियाणा जैसे क्षेत्र में छोटूराम जैसे विरले ही कर सके। 1912 में जाट सभा रोहतक की स्थापना की।
इसके बाद इनका झुकाव राजनीति की ओर हुआ। 1916 से 1920 तक रोहतक जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। संयुक्त पंजाब सरकार में मंत्री रहते अंग्रेजों द्वारा लगाया आबयाना कर माफ करते हुए किसान मसीहा व दीनबंधु की उपाधि मिली। किसानों की उन्नति और उन्हें उनकी फसल का सही भाव दिलाने के लिए अंग्रेजी हुकूमत से नहीं डरे,और सिंचाई की सुविधा के लिए कई फैसले करवाए। लिहाजा दिल्ली से लेकर लाहौर तक के किसान उन्हें किसानों के देवता के रूप में देखते थे।
नाना के नाम पर राजनीति करते रहे हैं बीरेंद्र
राजीव गांधी का साथी और छोटू राम का नाती’ का नारा देकर बीरेंद्र सिंह पहले भी राजनीति में अपने नाना छोटू राम का नाम इस्तेमाल करते रहे हैं। पाकिस्तान से उनके भाषण की सीडी लाकर किसानों के बीच चलाने को उसी कवायद का हिस्सा माना जा रहा है। 20 अगस्त को राजीव गांधी की जयंती पर बीरेंद्र ने जींद में रैली की थी।