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डाउनलोड करेंपानीपत. गांवों में गोचरान भूमि कब्जे से मुक्त करवाने के लिए गोपालदास ने शुक्रवार को लघु सचिवालय परिसर में बुद्धि-शुद्धि हवन किया। इससे पहले करनाल में भी यही हवन किया था।
प्रदेश में गोचरान भूमि खाली कराने की जिद पर अड़े गोपाल दास ने लघु सचिवालय में प्रशासन के लिए बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया। इसके बाद उन्होंने गोभक्तों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि यह जान तो कम है। बार-बार भी जन्म मिलेगा तो वो भी गाय को समर्पित होगा। गाय के लिए अब कब्जाधारियों को गोचरान भूमि खाली करनी ही होगी।
करनाल से विरोध प्रदर्शन करके पानीपत लघु सचिवालय आए गोपाल दास के शरीर से खून निकल रहा था और वे खुद को रस्सों से पीट रहे थे। गोभक्तों ने कहा कि संत गोपाल दास के शरीर से खून इसलिए निकल रहा है, क्योंकि प्रदेश में गाय भी लहूलुहान है। गाय को चारा नहीं मिल रहा है। यह चारा पंचायती भूमि को दबाकर कुछ लोग खाना चाहते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
आगे क्या : करेंगे प्रदर्शन
करनाल व पानीपत के बाद अब नरवाना, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, भिवानी में भी आने वाले दिनों में गोभक्त विरोध प्रदर्शन करेंगे।
यज्ञ का असर करना ईश्वर : गोपालदास
गोपाल दास ने कहा कि बुद्धि शुद्धि यज्ञ का इन प्रशासनिक अधिकारियों व सरकार पर असर होना चाहिए मेरे ईश्वर। प्रशासन केवल बैठकें न करे बल्कि उसका परिणाम भी आए। उन्होंने कहा कि अब जंग का ऐलान हो चुका है और कोई भी गोभक्त अब चुप नहीं बैठेगा।
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