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यादें जो जाती नहीं: अल्जाइमर नहीं, फिर भी भूल जाना चाहते हैं कुछ बातें

7 वर्ष पहले
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पानीपत। राजनीति याद रखने की कला है, जबकि अल्जाइमर भूलने की बीमारी। कई अच्छे राजनीतिज्ञ अपने हजारों-हजार कार्यकर्ताओं के नाम जुबां पर रखकर ही लोकप्रिय बने रहते हैं। वे भूलने के मामले में उम्र पर विजयी होते हैं। लेकिन कुछ क्षण ऐसे भी आते हैं, जिन्हें वे खुद और मतदाताओं को भुलाना चाहते होंगे। इस साल वर्ल्ड अल्जाइमर-डे तब आया, जब हरियाणा में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। ऐसे में भास्कर टीम ने राजनेताओं से जुड़े कुछ प्रसंग याद किए।
चंद्रमोहन फिजा प्रकरण को
मुख्यमंत्री रहे भजन लाल के बेटे चंद्रमोहन पांच बार विधायक बने। हुड्डा सरकार में डिप्टी सीएम का ओहदा मिल गया। लेकिन अनुराधा बाली उर्फ फिजा से प्रेमप्रसंग, फिर धर्म बदलकर निकाह करने के चक्कर में कुर्सी गई। उसके बाद से राजनीतिक बनवास झेल रहे हैं।
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