पानीपत. मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक न बुलाने से खफा 18 पार्षदों की तरफ से बुधवार को वार्ड-3 के पार्षद हरीश शर्मा और वार्ड-24 के पार्षद दुष्यंत भट्ट ने रोहतक मंडल के आयुक्त चंद्रप्रकाश को हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी सौंपी। कोर्ट ने कहा है कि प्रशासन कानून के हिसाब से कार्यवाही करे। अगर कार्यवाही नहीं की जाती है तो इसका लिखित जवाब दिया जाए। इसके अलावा दोनों पार्षदों ने म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट-37 और म्युनिसिपल इलेक्शन रुल्स-75 भी दिखाया। इसके तहत दो तिहाई सदस्य मेयर को हटा सकते हैं। मंडल आयुक्त चंद्रप्रकाश ने उन्हें बताया कि इस मामले में कानूनी सलाह ली जाएगी और फिर निर्णय लिया जाएगा।
फिर फंसा मामला, विपक्षी पार्षद कोर्ट जाएंगे
प्रशासन की ओर से रुख साफ नहीं किया जा रहा है। बैठक को लेकर पेंच फंस गया है। मंडल आयुक्त चंद्रप्रकाश ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है। इस पर निर्णय लेने में समय सीमा तय नहीं है। उधर, पार्षद दुष्यंत भट्ट का कहना है कि मंडल आयुक्त ने एक सप्ताह में बैठक बुलाने या न बुलाने के बारे में निर्णय करने का भरोसा दिया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो सप्ताह बाद वे हाईकोर्ट जाएंगे और बैठक करके धरने पर बैठने की रणनीति तय की जाएगी। इस बीच, पार्षदों का अल्टीमेटम खत्म हो गया। पार्षदों का कहना है कि उन्हें अब एक सप्ताह का समय दिया गया है।