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वार्ड बंदी को हाईकोर्ट में चुनौती, 21 मई तक सरकार से मांगा जवाब

8 वर्ष पहले
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पानीपत/चंडीगढ़. शहर में वार्ड बंदी को चुनौती संबंधी याचिका के विचाराधीन रहते हरियाणा सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने को मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस आरपी नागरथ की खंडपीठ ने जनगणना निदेशक को तलब करते हुए 21 मई के लिए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।

इसके बाद बुधवार को पंचकूला, हिसार और करनाल में वार्डबंदी को चुनौती संबंधी याचिकाओं के विचाराधीन रहते हरियाणा सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के मामले पर भी सुनवाई होगी। अलग अलग अर्जी दायर कर कहा गया कि मुख्य याचिका पर सुनवाई 15 जुलाई को होनी है और सरकार ने 9 मई को अधिसूचना जारी कर दो जून को चुनाव कराने का फैसला लिया है। ऐसे में यदि अधिसूचना पर रोक नहीं लगाई गई तो उनकी याचिका पर सुनवाई का कोई अर्थ नहीं रहेगा।

पानीपत निवासी पवन सिंह राणा की तरफ से दाखिल याचिका में 16 जनवरी 2013 की अधिसूचना खारिज करने की मांग की गई है। अधिसूचना के मुताबिक वर्ष 2001 की जनगणना के मुताबिक हिसार में वार्ड बंदी की गई। याचिका में कहा गया कि जनगणना प्रत्येक 10 साल बाद होती है। याचिका में कहा गया कि ऐसे में वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक वार्ड बंदी की जानी चाहिए। 10 सालों में दस फीसदी से ज्यादा जनसंख्या बढ़ी है। ऐसे में पुरानी जनगणना के आधार पर वार्डबंदी की अधिसूचना को खारिज किया जाए।

गौरतलब है कि पंचकूला म्यूनिसिपल कमेटी की पूर्व प्रधान सीमा चौधरी व इंद्रजीत सिंह और करनाल के गजे सिंह की तरफ से भी वार्ड बंदी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर बुधवार को सुनवाई होनी है।