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किला पर कब्जा, हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा

8 वर्ष पहले
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पानीपत/ चंडीगढ़. किले की जमीन से अवैध कब्जे छुड़ाए जाने की मांग को लेकर जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने 23 सितंबर को सरकार से इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

पानीपत निवासी दीपक तायल की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि किले की भूमि सरकारी नजूल में आती है। किले की भूमि से अतिक्रमण हटाने का काम पानीपत नगर निगम के प्रबंधन में है। किले की भूमि का कुछ हिस्सा तो निजी लोगों ने बेच दिया है जबकि खरीदारों ने इस पर निर्माण तक शुरू कर दिए हैं। डीसी पानीपत को इस बारे में समय-समय पर जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। याचिका में मांग की गई कि इस सारे मामले की जांच सीबीआई को दी जाए।

याचिका में कहा गया कि किला पांडवों ने बनवाया था। यही नहीं, किला राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम की निशानी भी है। यहां दो बार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आए थे और लोगों को संबोधित किया था। मौजूदा समय में भी पर्यटक किले को देखने के लिए आते हैं। याचिका में कहा गया कि किले की कुल 53,840 वर्ग गज भूमि में से 48,260 वर्ग गज भूमि का प्रबंधन पानीपत नगर निगम के पास है।

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में न केवल 253 लोगों का किले की जमीन पर अवैध कब्जा है, बल्कि अतिक्रमण बढ़ रहा है और लोग आगे जगह बेच रहे हैं। इसके अलावा किले के चारों तरफ खुदाई का काम भी किया गया है, जिसके चलते ऐतिहासिक इमारत को क्षति पहुंच सकती है। इस सारे मामले की जानकारी स्थानीय विधायक बलबीरपाल ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल तक पहुंचाई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पहले भी पहुंच चुका हाईकोर्ट में मामला, दिए थे निर्देश

हाईकोर्ट में इससे पहले पानीपत की एक स्वयं सेवी संस्था ने इस बारे में याचिका दायर की थी। उस समय हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को एक माह में ज्वाइंट कमिश्नर की नियुक्ति के निर्देश दिए थे। कहा था कि आगे ज्वाइंट कमिश्नर इस मामले में सभी शिकायतों पर का फैसला करें। एक अन्य याचिका पर हाईकोर्ट ने पानीपत के एसपी को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।