चंडीगढ़. मेरे पास कोई जैक नहीं है वरना मुझे भी पक्की सरकारी नौकरी और भीम अवॉर्ड मिल गया होता। वल्र्ड वुमन बॉक्सिंग चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता और दो बार एशियन चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी रेवाड़ी की रेणु गोरा की बातों में सच्चाई भी है। यही नहीं 6 बार हरियाणा की तरफ से नेशनल चैंपियन बनी रेणु को हरियाणा ने ही भुला दिया। हरियाणा सरकार और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट डोप टेस्ट में पॉजिटव रहे खिलाड़ियों को भीम अवॉर्ड दे सकता है, लेकिन रेणु को नहीं जिसकी बड़ी उपलब्धि है।
ग्रेडेशन तक नहीं की
वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक का सर्टिफिकेट लेकर पिछले साल जब रेणु गुडगांव के जिला खेल अधिकारी के पास गई तो, उन्होंने इसे नकली ही बता दिया। कोच पद के फॉर्म भरने से पहले ग्रेडेशन करवानी जरूरी होती है व रेणु अफसरों को समझाती रही कि आप जांच कर लें लेकिन अफसर टस से मस नहीं हुए। हार कर रेणु ने साई के डिप्लोमा सर्टिफिकेट लगा कर फॉर्म भरा।
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