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कैसे होगा स्वाइन फ्लू से मुकाबला, अस्पताल में नहीं पहुंचा टेमी फ्लू लिक्विड

9 वर्ष पहले
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पानीपत. सामान्य अस्पताल में स्वाइन फ्लू के अब तक चार पाजीटिव केस मिल चुके हैं और 19 सैंपल दिल्ली एन आईसीडी यानी नेशनल इंस्टीट्यूट आफ कम्युनिकेबल डिजीज को भेजे जा चुके हैं।19 सैंपल में से 12 सेंपल बच्चों के हैं लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों को टेमी फ्लू गोलियों के टुकड़े कर शहद के संग खिलाया जा रहा है।

ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि मीटिंगों में बड़े बड़े दावे करने वाले स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के पास टेमी फ्लू का सिरप ही नहीं है।12 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्वाइन फ्लू के सिरप की हिदायत दी जाती है यदि न हो तो फिर गोलियों से काम चलाया जाता है।


आइसोलेशन केंद्र में अब तक एक भी रोगी नहीं
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए बनाए गए आइसोलेशन केंद्र में अब तक एक भी रोगी को दाखिल नहीं किया गया।हर किसी को घर पर आइसोलेशन की राय दी जा रही है।यहां दस दिन पहले अटा वला के एक बच्चे को स्वाइन फ्लू कन्फर्म हुआ था, उसके बाद एक महिला सहित तीन अन्य का केस पॉजिटिव आया है।

एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो केस दिल्ली भेजे गए हैं उनसे से तीन या चार संदिग्ध हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू की शिकायत हो सकती है।


5000 से अधिक टेमी फ्लू की गोलियां
बच्चों को 45 एमजी और बड़ों को 75 एमजी की टेमीफ्लू की गोलियां दी जा रही हैं। गोलियां उम्र के मुताबिक दी जा रही हैं। यह गोलियां प्रभावित या पीडि़त व्यक्ति को शहद संग लेनी होती हैं। हां, यदि इनके स्थान पर सिरप हो तो कोई प्राब्लम न आए।

सामान्य अस्पताल की ओर से पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के एनआरएचएम यानी नेशनल रूरल हेल्थ मैनेजमेंट के कार्यक्रम में भी अस्पताल के अधिकारियों ने एमडी राकेश गुप्ता के नोटिस में यह बात लाई थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया। अस्पताल में कुल अब भी 5000 गोलियों का स्टाक है।