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जमीन, फसल और मेहनत हमारी, दिल्ली इफेक्ट भाव पर पड़े भारी

7 वर्ष पहले
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पानीपत। खेत में सब्जी घरों की रसोई में पहुंचते-पहुंचते 5 रुपए से 30 रुपए प्रतिकिलो के भाव हो जाती है। फायदा न किसान को मिल रहा है और न ग्राहक को। बिचौलियों के मुनाफे ने भावों की बोली लगा रखी है। हालत यह है कि सब्जी हमारे जिले में पैदा होती है, फिर भी हमें खरीदनी दिल्ली वाले भाव पर ही पड़ती है। सब्जी पर पिछली सरकार ने मार्केट फीस खत्म कर दी थी। फिर भी सब्जी के भाव पर कंट्रोल नहीं है। 20 हजार हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन जिले में। 2.25 लाख टन सब्जी उत्पादन करते हैं।
मेहनत भी वसूल नहीं होती

कभी बरसात फसल खराब कर देती है तो कभी सर्दी और गर्मी। मंडी में ही जो दाम मिलते हैं, उन्हीं पर सब्जी बेच देते हैं। किसान की तो मेहनत भी वसूल नहीं होती।'
- रणधीर, किसान गांव रिसालू
जितने हाथ, उतने बढ़ते हैं दाम
हर आदमी दिहाड़ी निकालने के लिए काम करता है। सब्जी जितने ज्यादा हाथों में जाएगी, भाव बढ़ते चले जाते हैं। कुछ मजबूरी का फायदा उठाते हैं।'
- राजबीर, सब्जी व्यापारी
लूट का मुनाफा क्यों
शहर में ज्यादातर सब्जी लोकल होती हैं। फिर भी सब्जी के भाव खबरों में जो दिल्ली के सुनते हैं, वही भाव यहां होते हैं। भाव पर बिचौलियों को ईमानदारी का मुनाफा कमाना चाहिए, लूट का नहीं।'
- रेखा, निवासी सेक्टर 12
एक दिन, चार जगह| जमीन से आसमान तक कीमत में अंतर
भाव बढ़ने को लेकर गुरुवार को मंडी से लेकर घरों तक पड़ताल की गई। बाहर से आ रहे आलू, प्याज को छोड़ दें तो लोकल सब्जी के भाव भी मनमाने भाव पर बेचे जाते हैं। आलू मंडी में रिटेल 30 रुपए, प्याज 25 रुपए, गाजर 35 रुपए, टमाटर 25 रुपए किलो तक बिक रहा था।
मंडी में थोक भाव 5 सुबह 9 बजे सब्जी मंडी में अच्छी चहल-पहल थी। ट्रैक्टर ट्राली या फिर बुग्गी में आसपास के गांवों के किसान गोभी, घीया, मूली, मेथी, पालक, खीरा आदि लेकर पहुंचे थे। करीब 20 किलोग्राम की गोभी की गठरी 100 रुपए तक बिकी। मूली की 18 से 20 किलोग्राम की गांठ 80 से 90 के भाव रही। हरी सब्जी भी कुछ ऐसे ही भाव रही। बुग्गी के चारों तरफ खड़े व्यापारी बोली लगा रहे थे। किसान की औसतन 4-5 रुपए किलो के भाव सब्जी बिकी।
फड़ों पर 20 पहुंचा रेट काबड़ी रोड चौक पर फड़ या रेहड़ी लगाकर सब्जी बेचने वाले श्याम ने गोभी 20 रुपए, मूली 20 रुपए, प्याज 35 रुपए, टमाटर 35 रुपए, आलू 35 रुपए प्रति किलो के भाव बताई। बरसत रोड से फतेहपुरी चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर लगने वाली सब्जियों की फड़ों पर भी तकरीबन यही भाव थे। मेथी 30, खीरा 40 किलो के भाव मिल रहा था।

सेक्टर 13-17 में 35 शाम 3 बजे सेक्टर 13-17 के रिहायशी क्षेत्र में रेहड़ी पर सब्जी बेचने वाले सुंदर से भाव का ब्योरा लिया तो भाव चौंकाने वाले थे। मंडी में किसान से 5 रुपए किलोग्राम ली गई गोभी यहां 35 रुपए किलो हो गई थी। टमाटर 40, पालक 25, खीरा 50 रुपए किलो, मूली 30 किलो के भाव हो गई थी।
(फोटो- मंडी में मूली लेकर पहुंचे किसान भाव कम होने पर उदास बैठे हुए।)