चंडीगढ़। तकरीबन डेढ़ माह पुरानी भाजपा सरकार ने उत्तर हरियाणा को एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के निर्वाचन क्षेत्र करनाल के कुटेल गांव में कल्पना चावला मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की गई है। चार से पांच साल में प्रोजेक्ट काे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यूनिवर्सिटी कैंपस के लिए 100 एकड़ जमीन गांव की पंचायत ने दी है।
पं. भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, राेहतक के बाद प्रदेश में यह दूसरा चिकित्सा विश्वविद्यालय होगा। उत्तर हरियाणा का पहला। इसमें 200 सीटों वाला मेडिकल कॉलेज व 750 से 1000 बेड वाला अस्पताल बनेगा। डेंटल काॅलेज और केंद्र सरकार के सहयोग से अन्य संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे। कई मेडिकल, नर्सिंग और डेंटल काॅलेज इससे संबद्ध किए जाएंगे। जीटी रोड बेल्ट के लाेगों को आधुनिक और गुणवत्तापरक चिकित्सा सेवाएं मुहैया होंगी। यूनिवर्सिटी व मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद उन्हें दिल्ली, रोहतक व चंडीगढ़ की दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी।
चंडीगढ़ में शनिवार को कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज के निर्माण की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने काॅलेज डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र कश्यप को एक महीने के अंदर यूनिवर्सिटी का कन्सैप्ट पेपर तैयार करने को कहा है। उन्होंने हिदायत दी कि पांच साल से पहले यूनिवर्सिटी तैयार हो जानी चाहिए।
पंचायत ने दी 100 एकड़ जमीन
अभी बन रहा है मेडिकल कॉलेज, 143 करोड़ रुपए खर्च, शिफ्ट किया जाएगा
करनाल में बन रहे कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज और अस्पताल के निर्माण पर अब तक 143 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट की कुल लागत 645 करोड़ रुपए है। 500 बिस्तर के अस्पताल को 2015 तक पूरा कर लिया जाएगा। मेडिकल कांउसिल आॅफ इंडिया की मंजूरी लेकर 2016-17 के सत्र से कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर दाखिले शुरू कर दिए जाएंगे। यूनिवर्सिटी बन जाने पर इस कॉलेज को वहीं शिफ्ट कर दिया जाएगा। करनाल शहर में केवल सिविल अस्पताल रहेगा।
प्रोजेक्ट में बदलाव से 2 निशाने
कांग्रेस से बड़ी घोषणा कर उसका मुद्दा छीना
करनाल शहर में बन रहे कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के प्रोजेक्ट का विस्तार करके खट्टर सरकार ने कई चीजों को साधने का प्रयास किया है। 1 फरवरी, 2003 को अंतरिक्ष से लौटते समय कोलंबिया यान के दुघर्टनाग्रस्त में मारी गईं स्पेस साइंटिस्ट कल्पना चावला पंजाबी समुदाय से थीं। करनाल जिले की 5 सीटें भाजपा की झोली में डालने में इस समुदाय की बड़ी भूमिका है।
बिरादरी के लोग कल्पना के नाम पर बड़े संस्थान की मांग करते रहे हैं। 26 जनवरी, 2010 को तत्कालीन हुड्डा सरकार ने करनाल सिविल अस्पताल को कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज के तौर पर विकसित करने का फैसला किया। 2 साल बाद प्रोजेक्ट तैयार हुआ। कांग्रेस ने पंजाबी समुदाय को जोड़ने का प्रयास किया लेकिन शहर का एक बड़ा वर्ग चाहता था कि काॅलेज शहर से बाहर बने। ट्रैफिक की दिक्कत समस्या हो सकती है। कॉलेज के लिए जगह भी कम थी। भाजपा ने कांग्रेस से बड़ी घोषणा कर उसका मुद्दा छीना। पंजाब समुदाय को खुश किया। प्रोजेक्ट शहर से बाहर ले जाकर शहर वालों का भी ध्यान रखा।
जीटी रोड की 23 में से 21 सीटें जीतने का तोहफा
चुनाव में भाजपा ने मेडिकल कॉलेज को शहर से दूर ले जाने का वादा किया था। खुद खट्टर अपनी सभाओं में इसका जिक्र करते थे। कांग्रेस सरकार पर उत्तर हरियाणा से भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं, अब भाजपा कह सकेगी कि उसने विकास में पिछड़े क्षेत्र को आगे लाने का प्रयास किया। यही नहीं, जीटी रोड बेल्ट की 23 में से 21 सीटें जिताने वाले उत्तर हरियाणा के लोगों के लिए कोई तोहफा तो बनता ही था।