पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • शिक्षकों की प्रेरणा से कूड़े के ढेर को बना दिया ‘लाडो पार्क’

शिक्षकों की प्रेरणा से कूड़े के ढेर को बना दिया ‘लाडो पार्क’, 50 साल से थी गंदगी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भिवानी (पानापत)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से कैसे तस्वीर बदल सकती है, इसका उदाहरण पेश किया कुंगड़ गांव के सरकारी स्कूल ने। अभियान के तहत पंचायत ने स्कूल की दीवार के पास से 50 साल से डाली जा रही गंदगी उठवाई। इस मौके का फायदा उठाकर स्कूल के दो शिक्षकों ने बच्चों के साथ मिलकर इस जगह को पार्क में बदल दिया। नाम रखा ‘लाडो पार्क’ यानी बेटियों को समर्पित।

अब इस पार्क में बेटियों के नाम पर ही पौधे लगाए जा रहे हैं। पहला पौधा लगाया, रामभतेरी के नाम पर। रामभतेरी इसी गांव की लड़की है और खो-खो में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही है।
अब वो हिसार के गंगवा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में फिजिकल एजुकेशन की लेक्चरर हैं। इसी प्रकार गांव की खो-खो की नेशनल प्लेयर मीना रानी, सीमा रानी, सविता, स्वाति, अनीता, सुमन व रेणु के नाम पर भी पौधों लगाए गए हैं। इस थीम को अंजाम देने वाले संस्कृत शिक्षक अनूप शास्त्री व कला अध्यापक बलवान सिंह बताते हैं कि स्कूल के बाहर गेट के पास सालों से ग्रामीण गंदगी डाल रहे थे। अब स्कूल के अध्यापकों ने वेतन से पैसा जमा कर पार्क बनाने में 14 हजार रुपए खर्च किए।
बेटी की कमी पूरी करेंगे पौधे से
गांव के ऐसे अभिभावक भी एक-एक पौधा लगाएंगे, जिनके बेटी नहीं है। वे बेटी की कमी को पूरा करने के लिए पौधा रोपित करेंगे और बेटी की तरह ही उनका पालन पोषण करेंगे। गांव के ही दंपती भूपेंद्र व सुदेश ने पीपल का पौधा रोपित कर पहल भी कर दी है।
हर माह बताएंगे बेटियों का महत्व
स्कूल में हर माह ग्रामीण महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा। लगभग एक घंटे की क्लास में शिक्षक महिलाओं को गांव व देश की प्रतिभावान बेटियों के बारे में जानकारी देंगे।