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भूमि अधिग्रहण मामला: राव इंद्रजीत के भाई यादुवेंद्र ने दी चुनौती

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़. रेवाड़ी में लॉजिस्टिक हब के लिए 3,600 एकड़ भूमि अधिग्रहण को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने तो अपनी सरकार के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई ही। अब राव के छोटे भाई एवं कोसली के पूर्व विधायक यादुवेंद्र सिंह ने सरकार के कदम को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता व जस्टिस राज राहुल गर्ग की खंडपीठ ने 15 मार्च के लिए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कांग्रेसी नेता यादुवेंद्र सिंह ने याचिका में कहा कि प्रदेश सरकार ने यूनिटेक कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए भूमि अधिग्रहण का फैसला लिया। सरकार ने जनवरी 2011 (तब कांग्रेस की सरकार थी) में स्टेट हाईवे 15 और 26 को जोड़ने के लिए भूमि अधिग्रहण का फैसला लिया था। इसके बाद राव यादुवेंद्र सिंह ने इस बारे में आपत्ति दर्ज करते हुए कहा था कि यहां से कुछ ही दूरी पर स्टेट हाईवे 15 और 26 पहले से ही जुड़ रहे हैं, ऐसे में अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है।
सरकार की ओर से 20 दिसंबर 2012 को राव यादुवेंद्र सिंह को पत्र लिखकर सूचित किया गया कि उनकी आपत्तियां खारिज की जा रही हैं। उनकी जमीन खाली है, इसलिए अधिग्रहित की जा रही है। राव यादुवेंद्र ने याचिका में कहा कि यूनिटेक की ओर से 2010 में एक प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी।
बनाई हाईपावर कमेटी
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत बावल में बनने वाले लॉजिस्टिक हब और आईएमटी के अवार्ड को रिव्यू करने के लिए सरकार ने मंगलवार को तीन मंत्रियों की हाईपावर कमेटी बना दी। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी में पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर और सहकारिता राज्यमंत्री विक्रम सिंह ठेकेदार को शामिल किया गया है। आंदोलन पर उतारू हो रहे किसानों को भी कमेटी बनने की सूचना दी गई है।