पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आए थे 84 लाख लूटने लेकिन उल्टी पड़ गई बाजी, 34 हजार ही मिले और स्कॉर्पियो भी गई हाथ से

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पानीपत/सनौली. हथियारों से लैस स्कॉर्पियो में सवार चार बदमाश आए तो थे 85 लाख रुपए लूटने। लेकिन लुटेरों के हाथ आए 34 हजार रुपए। गुस्से में लुटेरे गोली से गाड़ी का शीशा तोड़कर भाग गए। पीड़ितों ने लुटेरों के जाते ही पुलिस को खबर कर दी। पुलिस ने जब लुटेरों का पीछा किया तो वे अपनी स्कॉर्पियो को नन्हेड़ा गांव के घाट पर छोड़कर भाग गए। वारदात शुक्रवार शाम करीब 7 बजे शिमला गुजरान और बिहोली गांव के बीच की है।

पानीपत की संजय कॉलोनी के रहने वाले राजेश ने बापौली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने डाडौला गांव में अपनी साढ़े छह एकड़ जमीन 85 लाख रुपए में सोनीपत के गन्नौर निवासी रामबीर व सतप्रकाश को बेची थी। जमीन की शुक्रवार को बापौली तहसील में रजिस्ट्री कराई थी। जमीन के 85 लाख रुपए उन्होंने दोपहर को ही परिवार के अन्य सदस्यों के हाथों पानीपत के मॉडल टाउन स्थित एचडीएफसी बैंक में जमा करा दिए थे। शाम को रजिस्ट्री होने के बाद वह और उसका भाई रिंकू जमीन खरीदार रामबीर की कार में पानीपत आने के लिए बैठ गए। इस दौरान उनके पास 34 हजार रुपए थे। शाम करीब पौने सात बजे वे बापौली क्षेत्र के गांव शिमला गुजरान और बिहौली गांव के पास पहुंचे। अचानक उनके सामने एक स्कॉर्पियों रुकी और उसमें से हथियारों से लैस चार बदमाश नीचे उतरे।

बदमाशों ने उनसे कहा कि जमीन का पैसा उनके हवाले कर दो, वरना गोली मार देंगे। रुपए न होने की बात कही तो बदमाशों ने उनकी कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बदमाशों को उनके पास से 34 हजार रुपए मिल गए। इसके बाद दो बदमाशों ने गोली से उनकी कार का पिछला शीशा तोड़ दिया और स्कॉर्पियों में बैठकर भाग गए।

नंबर प्लेट बदली, सोचा था- बाद में ले जाएंगे स्कॉर्पियो

राजेश और रिंकू ने घटना की सूचना बापौली थाना पुलिस को दी। पुलिस ने कैराना (यूपी) और पानीपत सदर थाना पुलिस को सूचित किया। तीनों क्षेत्रों की पुलिस ने देर न करते हुए पूरे क्षेत्र की कैराना तक वीटी कर नाकेबंदी कर दी। पुलिस की दबिश को देख बदमाश अपनी स्कॉर्पियो नन्हेड़ा घाट पर छोड़कर भाग निकले।

करीब साढ़े नौ बजे पुलिस नन्हेड़ा घाट से स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में लेकर बापौली थाना ले आई। यहां पुलिस ने स्कॉर्पियो की नंबर प्लेट देखी तो उस पर उत्तराखंड का नंबर लिखा था। इस प्लेट के नीचे एक और नंबर प्लेट लगी मिली। इसके एक ओर लूट के समय वाला नंबर व दूसरी तरफ अन्य नंबर अंकित था।

वारदात में शक अपनों पर

वारदात के पीछे शक किसी अपने पर जताया जा रहा है। जमीन को बेचना और फिर रजिस्ट्री करवाकर रुपए लेकर लौटने की खबर किसी बाहरी को नहीं हो सकती। यह तो अच्छा रहा कि सूझबूझ दिखाते हुए पहले ही रुपए बैंक में जमा करवा दिए गए। अगर ऐसा न करते तो लुटेरे अपने मकसद में कामयाब हो जाते। लुटेरों की स्कॉर्पियों की मदद से उनकी तलाश शुरू की दी गई है।

चार बदमाशों ने 85 लाख रुपए लूटने की बनाई थी योजना तलाशी के दौरान 85 लाख तो नहीं मिले, 34 हजार रुपए छीन लिए। पुलिस पीछे पड़ी तो बदमाश अपनी स्कॉर्पियो नन्हेड़ा घाट पर छोड़कर भाग निकले।

फोटो- लुटेरों ने तोड़े कार के शीशे।