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एनसी कॉलेज में प्रदर्शन : प्रबंधन ने छात्रों की कई मांगें मानी, निदेशक का इस्तीफा

7 वर्ष पहले
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(इसराना के एनसी कॉलेज में बुधवार को अपनी मांगों को लेकर कॉलेज के गेट पर नारेबाजी करते छात्र।)
पानीपत. इसराना के एनसी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में तोड़फोड़ और आगजनी के बाद बुधवार को निदेशक जेएस विर्क ने इस्तीफा दे दिया। कॉलेज प्रबंधन ने भी छात्रों की कुछ मांगें मान ली और कुछ पर बातचीत के लिए तैयार हो गया। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन और छात्रों के बीच मामला शांत हो गया। दूसरे दिन प्रबंधन ने छात्रों के कॉलेज में प्रवेश पर रोक लगा दी। पुलिसकर्मियों को 4 दिनों की छुट्टी का नोटिस हाथ में थमाकर गेट के बाहर तैनात कर दिया।
सुबह 9 बजे जब छात्र कॉलेज पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने छात्रों को यह कहकर कॉलेज में नहीं जाने दिया कि 4 दिनों की छुट्टी कर दी गई है। अब कॉलेज सोमवार को ही खुलेगा। इसके बाद छात्रों ने गेट के बाहर ही बवाल शुरू कर दिया। छात्र, कॉलेज प्रबंधन से बात करना चाहते थे। करीब 11 बजे कॉलेज प्रबंधन कमेटी के सदस्य और चेयरमैन कॉलेज पहुंचे तो छात्रों ने हंगामा कर दिया।

तीन घंटे तक रहा बवाल : कॉलेज गेट पर दोपहर 12 बजे छात्रों ने बवाल काटा। इसके बाद गेट खोल दिया गया। प्रबंधन कमेटी के सदस्यों के साथ इसराना थाना पुलिस ने छात्रों की बात करवाई। इसके बाद तय हुआ कि 15 छात्रों का एक दल प्रबंधन कमेटी से बात करेगा। छात्रों और कॉलेज कमेटी के सदस्यों के बीच बातचीत चल ही रही थी कि निदेशक जेएस विर्क के इस्तीफे की सूचना मिली। छात्रों की निदेशक को हटाने की मांग वैसे ही पूरी हो गई।
छात्रों ने ये रखी अपनी मांगें
कॉलेज के अंदर जब प्रबंधन कमेटी के सदस्यों ने छात्रों से उनकी मांगे पूछी तो छात्रों ने सबसे पहले नए निदेशक जेएस विर्क को पद से हटाने की मांग रखी। छात्रों ने पुराने टाइम-टेबल लागू करने, शनिवार को लगाई जाने वाली कक्षाएं बंद करने, कॉलेज के एसी सही कराने और वाईफाई की सुविधा शुरू करने की मांगें रखीं।
बीच का रास्ता निकालने पर बनी सहमति
टाइम टेबल की समस्या को दूर करने के लिए नए टाइम और पुराने टाइम टेबल को देखते हुए बीच का रास्ता निकालने पर सहमति बनी। शनिवार को लगाई जाने वाली कक्षाओं में उपस्थित होने की बाध्यता खत्म कर दी गई, साथ ही जोड़ा गया कि छात्र अपनी मर्जी से शामिल हो सकते हैं। प्लेसमेंट कंपनियों के बारे में निर्णय हुआ कि जिन छात्रों की रिअपीयर है, उन्हें पास करें। जो छात्र अच्छे अंकों से पास हुए हैं, उनसे प्लेसमेंट का पक्का वादा किया गया। कॉलेज कैंपस में एसी और वाईफाई सर्विस शुरू करने का भी भरोसा दिया गया।
कॉलेज स्टाफ पर मामला भड़काने का आरोप
बुधवार को बैनर पर कई स्टाफ सदस्यों का नाम लिखकर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में कॉलेज के चेयरमैन विजय गुप्ता ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन को किसी भी छात्र से कोई शिकायत नहीं है। नए निदेशक ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नए नियम बनाए थे। ये नियम छात्रों के साथ-साथ स्टाफ सदस्यों पर भी लागू हो रहे थे। जिससे छात्रों के साथ कुछ स्टाफ सदस्य भी खुश नहीं थे। चेयरमैन ने माना कि छात्रों को भड़काया गया।
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