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रामपाल से भी ज्यादा खतरनाक है डेरा सच्चा सौदा प्रमुख : दिग्विजय

7 वर्ष पहले
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कालांवाली/ सिरसा। इनेलो ने कालांवाली में छात्राओं को डेरा सच्चा सौदा में ले जाने के मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। सोमवार को इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला 10वीं की एक छात्रा के घर पहुंचे। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सिर्फ अध्यापिकाओं द्वारा सिर्फ माफी मांग लेने से ही मामला नहीं निपट जाता। सरकार को डेरे के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए। जांच करनी चाहिए कि अध्यापिकाओं को डेरे ने कितने पैसे दिए।
दिग्विजय ने कहा कि पार्टी के आदेश पर ही वो गांव में लड़कियों के परिवारों से मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा मुखी गुरमीत राम रहीम पर हत्या, बलात्कार जैसे गंभीर आरोप चल रहे हैं, फिर भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेरा के कामों को सराहा। डेरा प्रमुख तो रामपाल से दस गुणा ज्यादा खतरनाक हैं, जब रामपाल को गिरफ्तार करने पर सरकार को इतना जोर लगाना पड़ा तो इस डेरे के खिलाफ जब कार्रवाई होगी, तब क्या होगा।
बतां दे कि इस मामले में प्रशासन ने दोनों अध्यापिकाओं और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सस्पेंड और एक अध्यापिका का तबादला कर दिया था। बाद में गुरुद्वारे में सिख समाज की पंचायत में अध्यापिकाओं ने माफी भी मांग ली थी।
"चुनाव में साथ न देने की खीझ'

विधानसभा चुनावों में डेरा सच्चा सौदा का समर्थन हासिल करने के लिए इनेलो ने कुछ डेरा प्रेमियों को भी टिकट दी थी। मगर डेरे ने भाजपा का समर्थन किया। चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद ही ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला बोले थे-‘ डेरा प्रमुख बचेगा नहीं।’ अब दिग्विजय सिंह द्वारा डेरे पर टिप्पणी की है।

चुनावों में चौटाला परिवार को डेरा अच्छा लगता था: पवन इंसा
डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता पवन इंसा ने कहा कि चुनावों के समय चौटाला परिवार डेरे में माथा टेकने आता था। तब तो उन्हें डेरा प्रमुख बड़े अच्छे लगते थे। चुनावों में इनेलो को जनता ने नकार दिया तो वे इसका ठीकरा डेरा सच्चा सौदा पर फोड़ने लग गए। इनेलो ओच्छे हथकंडों पर उतर आई है। कालांवाली के मामले से डेरा सच्चा सौदा का कोई लेना देना नहीं है। मगर इनेलो इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है। लोग डेरे में अपनी इच्छा से माथा टेकने आते हैं।