पानीपत. रास्ता पूछने वाले को पहले लिफ्ट देकर अपनी कार में बैठाते और बाद में लूटपाट कर उन्हें मौत के घाट उतार देते थे। जी हां लिफ्ट देकर लूटपाट और बाद में हत्या करने के दोषी सोनू पुत्र सुरेश निवासी नौल्था व केवल पुत्र हरीश निवासी सेक्टर-6,7 को अतिरिक्त व सत्र जिला न्यायाधीश प्रवीण गुप्ता की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दोषियों पर 10-10 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। 7 मार्च 2012 की रात अपने घर रोहतक जा रहे वेदप्रकाश को कार में लिफ्ट देकर एटीएम कार्ड लूटने के बाद हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। आरोपियों पर इसके अलावा भी ऐसी चार हत्याओं में शामिल होने के केस दर्ज हैं।
रोहतक के शिव कॉलोनी में रहने वाले 45 वर्षीय वेदप्रकाश हिमाचल में माइक्रो टर्नर प्लांट में प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। 7 मार्च को हिमाचल से घर आने के लिए बस में बैठे थे। रात करीब आठ बजे वेद प्रकाश ने अपनी बेटी आरती से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने खुद को कुरुक्षेत्र में बताया था।
इसके बाद सुबह करीब 2:58 मिनट पर फोन लगाया तो वेदप्रकाश का फोन बंद था। करीब 3:20 मिनट पर वेदप्रकाश के एटीएम से दो बार 10-10 हजार रुपए निकाले गए। कुछ देर बाद बाकी बचे 345 रुपए में से भी 300 रुपए निकाले गए। 11 मार्च को वेदप्रकाश के भाई संजय ने शहर थाना पुलिस को अपने भाई के अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
सोनू व केवल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे
सोनीपत के हलालपुर में एक व्यक्ति की हत्या के केस में जेल में इकट्ठे रह चुके हैं। तभी से उनकी दोस्ती हो गई। संजय चौक व गोहाना मोड़ पर उन लोगों को शिकार बनाते थे, जो उनसे रास्ता पूछते थे। वे लिफ्ट देकर व्यक्ति को कार में बैठाते और बाद में उसके साथ लूटपाट करते थे। बाद में टायर खोलने वाले पाना व दरांती से हमलाकर मौत के घाट उतार देते थे।
पुलिस पर हमला करने के बाद खुला था हत्या का राज
11 मार्च 2012 को सीआईए प्रभारी दीपक कुमार की टीम को सूचना मिली कि सफेद रंग की ऑल्टो कार में सवार दो संदिग्ध युवक पानीपत में वारदात को अंजाम देने के मकसद से आए हैं। इसके बाद सेक्टर-18 स्थित गंदे नाले के पास नाका लगाकर वाहनों की चेकिंग की। सफेद रंग की ऑल्टो कार में चालक के पास बैठे युवक ने पुलिस पर गोली चला दी, जिससे इंस्पेक्टर दीपक बाल-बाल बचे। गोली पुलिस जीप में जा लगी। दीपक व उसकी टीम ने कार सवार दोनों बदमाशों को सेक्टर- 13, 17 में काबू कर लिया। कार में बैठे युवकों ने अपना नाम नौल्था निवासी सोनू पुत्र सुरेश कुमार, केवल पुत्र हरीश निवासी सेक्टर- 6 बताया। पूछताछ में आरोपियों ने वेदप्रकाश की हत्या कबूली।
पूछताछ में कबूलीं कई वारदातें
केस-1
एलआईसी यूनिट नंबर-2 के सहायक प्रशासनिक अधिकारी चंद्र प्रकाश मुखीजा निवासी विकास नगर का तबादला जयपुर हो गया था। वह 27 फरवरी को जयपुर के लिए घर से निकले थे। उन्हें गरीबरथ ट्रेन से जयपुर जाना था। तभी वे संदिग्ध हालात में लापता हो गए। कई लोगों ने बताया था कि चंद्र प्रकाश का कुछ लोग एक कार में अपहरण करके ले गए हैं। परिजनों ने 28 फरवरी को थाना चांदनी बाग में अपहरण का केस दर्ज करवाया। चंद्र प्रकाश के खाते से दो बैंकों के एटीएम से 25 हजार रुपए निकाले गए थे।
केस-2
गांव कारद निवासी सतबीर सिंह ने बताया कि उसका छोटा भाई दलबीर (32) सीबीआई दिल्ली मुख्यालय में हेड कांस्टेबल है। वह शनिवार को चाचा के लड़के राकेश पुत्र रणधीर की शादी में शिरकत करने के लिए दिल्ली से कारद आ रहा था। दलबीर ने 10.30 बजे उसके सेलफोन पर कॉल करके बताया कि वह गोहाना मोड़ पर है और एक कार से इसराना आ रहा है। कार में बैठे युवक गगसीना, करनाल के हैं। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। रविवार सुबह संग्रहालय के पास नहर किनारे खून व घसीटने के निशान मिले। मौके से एक जैकेट भी मिली है। यह केस आठ मरला चौकी में दर्ज है।
केस-3
रोहतक के माइना गांव निवासी विनोद जम्मू एवं कश्मीर के किश्तवाड़ा में सीआईएसएफ का वायरलैस ऑपरेटर है। वह होली पर 6 मार्च की रात को छुट्टी लेकर घर जा रहा था। वह रेलवे स्टेशन से गोहाना मोड़ पहुंचा, वहां ऑल्टो कार में रोहतक जाने की बात कहकर उसे लिफ्ट दी। इसके बाद उसकी पिटाई करके करीब दस हजार रुपए, एटीएम, अटैची, बैग व अन्य सामान लूट लिया और फिर उसे नहर में फेंक दिया। किशनपुरा चौकी में केस दर्ज है।
केस-4
रोहतक निवासी नरेंद्र 19 फरवरी 2012 को शामली जा रहा था। तभी संजय चौक से लिफ्ट देकर आरोपी सोनू और केवल ने उसे कार में बैठा लिया और फिर तमंचे के बल पर उससे लैपटॉप, रुपए और पासपोर्ट लूट लिए। इसके बाद उसके हाथ-पैर बांधकर छाजपुर के पास फेंक दिया। यह केस थाना चांदनी बाग में दर्ज है।