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लीजिए! टिकट बंटते ही बगावत भी शुरू, इस्तीफे तक सौंप दिए

7 वर्ष पहले
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बगावत से कांग्रेस भी अछूती नहीं रही। भाजपा-इनेलो के बाद टिकट की घोषणा करने वाली कांग्रेस को उम्मीद थी कि देरी से टिकट जारी करने पर बगावत नहीं होगी, लेकिन टिकट चाहने वालों ने हंगामा खड़ा कर दिया है।
पानीपत ग्रामीण-जगदेव का इस्तीफा, आजाद लड़ने का ऐलान
कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष जगदेव मलिक ने पार्टी से इस्तीफा देकर पानीपत ग्रामीण सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। मलिक ने कहा कि 10 साल पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा अकेले थे। पानीपत में ललकार रैली कराई, तब जाकर हुड्डा प्रदेश के सीएम बने और अब उन्हें ही पीछे कर दिया। बीरेंद्र सिंह, धर्मबीर सिंह, अवतार भड़ाना व अन्य के पार्टी छोड़ने को सही ठहराते हुए मलिक ने कहा कि एक व्यक्ति ने पूरी पार्टी पर कब्जा कर लिया है। 20 सालों तक कांग्रेस की सेवा की, लेकिन अब बाहरी प्रत्याशी को यहां से बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कैथल- मान के बेटे को टिकट मिला तो जेपी हुए बागी
कांग्रेस ने पूंडरी से नए चेहरे रवि महला पर भरोसा जताया। इस सीट पर पूर्व विधायक दिनेश कौशिक निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। दिलचस्प है कि इस हलके में तीनों प्रमुख दलों ने रोड़ बिरादरी का प्रत्याशी उतारा है। इनेलो के तेजवीर सिंह और भाजपा के रणधीर सिंह गोलन भी रोड़ बिरादरी से हैं। कलायत में पूर्व मंत्री तेजेंद्र मान के बेटे रणबीर मान को कांग्रेस ने टिकट दिया तो पूर्व मंत्री जयप्रकाश उर्फ जेपी ने निर्दलीय मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया। जेपी के निर्दलीय मैदान में उतरने से मान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सिरसा-ऐलनाबाद, रानिया व कालांवाली में विरोध
ऐलनाबाद से टिकट पर दावा जता रहे पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है। जल्द ही समर्थकों से बातचीत कर अगला निर्णय लिया जाएगा। रानियां से टिकट मांग रहे जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह खोसा ने कहा कि अब तो उनके समर्थक ही अगला फैसला लेंगे। वहीं कालांवाली से टिकट मांग रहे मनीराम केहरवाला के पुत्र यश केहरवाला ने कहा कि टिकट देने में जनभावना का सम्मान नहीं किया। यह एक साजिश है। पार्टी को इसका नुकसान भुगतना पड़ सकता है। समर्थकों में फैसला लेंगे।
जगाधरी-पूर्व विधायक अर्जुन नाराज, करेंगे बैठक
टिकट न मिलने से खफा पूर्व विधायक अर्जुन सिंह आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल्दी ही छछरौली मंडी में बैठक कर अगली रणनीति बनाई जाएगी। बसपा के टिकट पर विधायक रहे अर्जुन कई साल पहले कांग्रेस में आ गए थे। इस बार टिकट के लिए उन्होंने दावा किया था। चुनाव के लिए काफी समय से तैयारी कर रहे थे। टिकट कटने से निराशा हाथ लगी, इसलिए बागी तेवर दिखाए। उधर, जगाधरी से पार्टी प्रत्याशी भूपाल भाटी ने कहा कि अर्जुन सिंह उनके दोस्त हैं, उन्हें मना लिया जाएगा।