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डाउनलोड करेंपानीपत. दो दिन पहले मुझे करनाल से पुलिस ने उठा लिया था क्योंकि मैं अब सरकार के गले की फांस बन गया हूं। सच बोलता हूं और गाय माता की वकालत करता हूं। इस बार मुझे पागल साबित करने की भी कोशिश की गई। चंडीगढ़ पीजीआई में मुझे बिना किसी बीमारी के भर्ती कर लिया गया।
मेरा मानसिक परीक्षण करवाया गया। वहां डॉक्टरों के सामने मैंने शर्त रखी कि प्राइवेट डॉक्टर भी मेरा टेस्ट करेंगे लेकिन सरकारी टेस्ट में ही फिट साबित हो गया। उनके पास मुझे छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं था लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने मेरे सांसारिक पिता शमशेर सिंह से बात की और भाई सहदेव से भी।
करनाल में दो दिन पहले, शनिवार रात 12 बजे पुलिस लघु सचिवालय पहुंची मुझे उठाने के लिए। मैंने पूछा कि कहां ले जा रहे हो तो वह बोले कि आपको अस्पताल ले जाने की जरूरत है। असल में बार-बार वे यही साबित करना चाहते थे कि मेरा मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है इसलिए मैं ऐसी हरकतें कर रहा हूं। जो व्यक्ति पर्यावरण पर पीएचडी कर रहा हो, पूरी जिंदगी प्रथम श्रेणी में पास हुआ हो, उसे पागल करार करने की हिमाकत देखिए।
मेडिकल फिटनेस के बाद उनकी पहली कोशिश फेल हो चुकी है, अब देखिए वे आगे क्या करते हैं मुझे रोकने के लिए? मैंने बार-बार उन डॉक्टरों से कहा कि मैं मानसिक रूप से स्वस्थ हूं। मैं गौ माता से प्यार करता हूं और हर वो गौभक्त जो गौ माता से प्यार करता है तुम्हें ऐसे ही लगेगा। प्रदेश में गोचर विकास बोर्ड बने ताकि गौ माता को कभी चारे की कमी न हो, मैं बस इतना ही चाहता हूं। मेरा टेस्ट न कीजिए, यदि करेंगे तो फिर प्राइवेट भी कराना पड़ेगा लेकिन वे नहीं माने और टेस्ट कर डाला।
(जैसा संत गोपाल दास ने संदीप साहिल को बताया।)
जाटल गांव की गोचरान भूमि पट्टे पर क्यों? संत गोपाल दास ने गोभक्तों के साथ मंगलवार दोपहर पानीपत के डीसी समीर पाल सरो से लघु सचिवालय में मुलाकात की। उन्होंने डीसी से जाटल गांव की गोचरान भूमि को पट्टे पर दिए जाने की शिकायत की। संत गोपाल दास ने बताया कि डीसी ने उन्हें पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है और जमीन की बोली को कैंसिल करने की बात कही है।
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