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पुलिस के पहरे में किया संस्कार, चौथे दिन उठाया शव, परिजनों को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई

8 वर्ष पहले
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पानीपत. बुजुर्ग कर्ण सिंह की मौत का मामला गुरुवार को भी गरमाया रहा। एसपी पारुल कुश जैन ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि 25 मई तक मधुबन से विसरा रिपोर्ट मिलेगी और दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सुसाइड नोट में जितने लोगों के नाम हैं, सभी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई गई। इसके बाद ही चौथे दिन सामान्य अस्पताल से शव को नूरवाला शिवपुरी ले जाया गया। एसडीएम अश्विनी मलिक, डीएसपी मुख्यालय राजबीर सिंह हुड्डा और पुलिस की उपस्थिति में संस्कार किया गया।

मृतक के बेटे शीशपाल पांचाल ने प्रशासन को चेतावनी दी कि एफआईआर में तहसील कैंप के तत्कालीन चौकी प्रभारी योगेश कुमार, एएसआई लाल सिंह, एसआई ओमप्रकाश, थाना सिटी प्रभारी रामकुमार के अलावा राजेश धीमान व गुल्लू का भी नाम दर्ज किया जाए। आरोपी प्रेम सचदेवा, कालू सचदेवा, अशोक त्यागी, प्रवीण मलिक और मंजीत मलिक सहित सभी आरोपियों को 25 मई तक गिरफ्तार नहीं किया तो वह अपने परिवार व पिता की अस्थियों को साथ लेकर 26 मई को दिल्ली में पीएम हाउस पर आमरण अनशन पर बैठेंगे। आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने भी पीड़ित परिजनों का साथ दिया।

पुलिस अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार का आरोप

शीशपाल ने आरोप लगाया कि कई आरोपी पुलिसकर्मी हैं। थाना शहर प्रभारी विशाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। गौरतलब है कि कर्ण सिंह के बेटे महीपाल की अगस्त 2008 में हत्या कर दी गई थी। कर्ण सिंह ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की याचिका लगाई थी। आरोपियों के नहीं पकड़े जाने पर कर्ण सिंह ने आत्महत्या कर ली थी।

पांच घंटे तक किया हंगामा एसपी को सौंपा ज्ञापन

सामान्य अस्पताल व लघु सचिवालय में पांच घंटे तक हंगामा रहा। मृतक फौजी कर्ण सिंह के परिजन 9 बजे सामान्य अस्पताल पहुंचे और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के साथ पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। 12:05 बजे अस्पताल से चलकर प्रेम सचदेवा को गिरफ्तार करो, परिवार को इंसाफ दो की पट्टिकाएं लेकर प्रशासन व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में 12:22 बजे पहुंचे।

गेट के सामने बैठे, सभी के लिए रास्ता बंद किया

लोग करीब 12:46 बजे गेट-1 के सामने बैठ गए। कई लोगों से झड़प भी हुई। बाद में वहां से हटे और वीआईपी गेट नंबर दो पर बैठ गए। एसपी को गेट पर ज्ञापन देने के लिए अड़े रहे। समालखा के एसडीएम सतपाल सिंह को काफी देर बाद बाहर जाने दिया। 1:10 बजे एसपी पारुल कुश जैन से उनके कार्यालय में मिले और ज्ञापन सौंपा।