पानीपत. करौंथा में हुई हिंसा के दौरान गोली का शिकार बने आर्य संदीप कुंडु के लिए अंतिम मंत्रोच्चारण सोमवार दोपहर साढ़े बारह संपन्न हुआ। बतौर मुआवजा उनकी बिलखती मां प्रेमो की गोद में कलेक्टर समीर पाल सरो और पुलिस कप्तान पारुल कुश जैन ने 10 लाख रुपए से भरा हैंड बैग रख दिया।
बाहर शोकसभा में संदीप के परिवार के किसी भी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की। यह भी कहा-शहीद का दर्जा दिलाने के लिए ‘पॉजिटिव रिकमंडेशन’ के साथ सीएम को चिट्ठी भेजेंगे। इसके अलावा हमेशा किसी भी वक्त किसी भी जरूरत के लिए साथ देने का वादा भी किया।
कलेक्टर समीर पाल सरो और पुलिस कप्तान पारुल कुश जैन भी श्मशान पहुंचे। पूरी ताकत के साथ। पानीपत शहर से शाहपुर गांव तक। और उस पार रोहतक तक कद से ऊंची लाठियां लिए सैकडों पुलिस वालों के नाके इस ताकत के प्रतीक थे। मगर इसके पीछे भय छुपा था। भय इस बात का कि इस ‘हत्या’ से लोग नाराज न हो जाएं। जाम न लगा दें। थोड़ी देर के लिए ऐसा हुआ भी।
शाहपुर के सैकड़ों लोग गाड़ी में रखे संदीप का शव लेकर रोहतक हाईवे पर पहुंच गए। शव को बीच में प्रदर्शन शुरू कर दिया। तभी वहां पहले से मौजूद डीसी समीर पाल सरो और एसपी पारुल कुश जैन ने समझाने की कोशिश की। डीसी ने मौके पर ही पहले पांच लाख रुपए नकद मुआवजे देने की बात कही। ग्रामीण नहीं माने और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग करने लगे।
इस पर डीसी ने मौके पर फोन पर मुख्यमंत्री कार्यालय में बात और नौकरी दिए जाने की भी घोषणा कर दी। यह सब कुछ 15 मिनट में निपट गया। संदीप के पिता राममेहर और भाई सुरजीत के कहने पर सभी ग्रामीण उनके शव को लेकर करीब 100 मीटर दूर हाईवे पर बने गांव के श्मशान भूमि ले गए और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संदीप का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़े भाई सुरजीत ने उन्हें अग्नि दी।
इससे पहले सुबह करीब 11 बजे संदीप के घरवाले और ग्रामीण उनका शव रोहतक पीजीआई से लेकर शाहपुर पहुंचे थे। वहां भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन करने की कोशिश की, मगर पुलिस और आरएएफ ने उन्हें रोक दिया।