जींद। केंद्रीय कानून मंत्री सदानंद गौड़ा के दिए गए बयान के विरोध में खाप पंचायतों ने मोर्चा खोल दिया है। गौरतलब है कि गौड़ा ने दो दिन पहले संसद में बयान दिया था कि खापें कानून, न्याय व्यवस्था और संविधान के खिलाफ हैं। बयान से खफा खाप पंचायतें शनिवार को जींद की जाट धर्मशाला में जुटीं। यहां दर्जनभर खापों के प्रतिनिधियों ने मंत्री के बयान की निंदा करते हुए गौड़ा से मांग की कि वे वे अपना बयान वापस लें। यदि वे ऐसा नहीं करते तो प्रधानमंत्री मोदी उन्हें अपने मंत्रिमंडल से हटाएं।
खाप चौधरियों ने ऐलान किया किया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे एकजुट होकर आंदोलन छेड़ देंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। खाप चौधरियों ने अगले साल फरवरी से आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है।
ऑनर किलिंग के खिलाफ हैं खाप पंचायतें
पालम खाप 360 के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणबीर सिंह राठी ने कहा कि ऑनर किलिंग को लेकर कानून मंत्री सदानंद गौड़ा द्वारा खाप पंचायतों को टारगेट बनाकर कानून बनाना गलत है। खाप पंचायतें ऑनर किलिंग के खिलाफ है।
ये सही है कि खापों को कानूनी मान्यता नहीं है लेकिन उन्हें सामाजिक मान्यता हासिल है और उनके सामाजिक महत्व को नकारा नहीं जा सकता। यदि खापें संविधान के दायरे में रहकर काम करें तो विभिन्न मुद्दों पर उनका सकारात्मक प्रभाव रहेगा। संविधान के दायरे से बाहर जाने वाली किसी संस्था को स्वीकार नहीं किया जा सकता। खाप पंचायतों को भी ये समझना चाहिए।
- अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री
खाप पंचायतें पुरानी हैं और अच्छे निर्णय करती हैं। कहीं कोई कथित पंचायतें विवादपस्द निर्णय देती हैं तो सभी को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है। खाप पंचायतें सामाजिक इकाई हैं और वे देश काल और स्थितियों के अनुसार ही काम करती है।
- सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
(फोटो- जींद में पत्रकारों से बातचीत करते खाप प्रतिनिधि।)