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सतलोक आश्रम को खाली करवाने के लिए करौंथा जा रहे 52 आर्यसमाजी गिरफ्तार

8 वर्ष पहले
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पानीपत/मतलौडा/इसराना. करौंथा के सतलोक आश्रम को 12 मई को खाली करवाने के आर्य समाज के ऐलान को लेकर पानीपत जिले के विभिन्न गांवों के आर्य समाज के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सतलोक आश्रम की ओर कूच किया। जैसे ही जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी तो प्रशासन ने हाई अर्लट घोषित कर दिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग 71 ए (रोहतक- पानीपत मार्ग) स्थित पर गांव शाहपुर नाका पर सभी वाहनों को बारी-बारी चेक किया गया। इनमें आर्य समाज के कार्यकर्ताओं की चार बसों में सैकड़ों कार्यकर्ता जा रहे थे। मौके पर पुलिस ने इन चारों बसों में से 52 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कुछ कार्यकर्ता भागकर पास के रेलवे स्टेशनों की ओर दौड़े, पर पुलिस ने उन्हें भी पकड़ लिया। वहीं वरिष्ठ आर्य समाजी आजाद सिंह आर्य को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्हें शांति भंग करने के आरोप में धारा 107, 141 के तहत गिरफ्तार कर न्याययिक हिरासत में भेज दिया। आर्य समाज के कार्यकर्ताओं इसका जोरदार विरोध किया। नाके पर जैसे ही एसडीएम और डीएसपी ने चारों गाड़ियों को रोकने को कहा तो आर्य समाजियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस सभी को गिरफ्तार कर इसराना थाना ले आई। हालांकि बाद में आधे से अधिक लोगों को छोड़ दिया गया।

इन्हें किया गिरफ्तार

इसराना के लक्ष्मी नगर कॉलोनी के देवराज, लखी राम, शाहपुर के सतनारायण, अनिल कुंडू, अमित, परढाना के जितेंद्र, प्रीत पानू, आट्टा के रामपाल, पवन, सुखपाल, सुरेंद्र, बलवान, रणजीत सहित पानीपत के आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल के करीब 35 अध्यापकों को गिरफ्तार किया गया।

आधे से ज्यादा को छोड़ा

गिरफ्तार किए गए पचास से ज्यादा लोगों और अध्यापकों को रोडवेज की बस से पानीपत में एसडीएम अश्विनी मलिक के कार्यालय लाया गया। बस यहां करीब छह बजे पहुंची। रात करीब नौ बजे तक लोगों को छोड़े जाने की जद्दोजहद चलती रही। बाद में एसडीएम अश्विनी मलिक ने फॉर्म भरवाकर उनमें से आधे से ज्यादा लोगों को रिहा कर दिया। जबकि कुछ को करनाल भेज दिया।

पुलिस फोर्स बुलाई, आजाद आर्य को गिरफ्तार किया

मतलौडा थाना प्रभारी सत्यवान पुलिस बल के साथ शनिवार दोपहर आजाद सिंह आर्य के मतलौडा स्थित आर्य गल्र्स कॉलेज पहुंचे। उन्होंने आजाद सिंह आर्य को अदालत के आदेश दिखाते हुए उन्हें आदेशों को रिसीव करने को कहा, लेकिन आजाद सिंह आर्य ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। ऐसे में पुलिस परेशान हो गई।

इस पर थाना प्रभारी ने अपने विभाग के सीनियर अधिकारियों से संपर्क कर आजाद सिंह आर्य को समय गवाए बगैर गिरफ्तार करने का निर्णय लिया। इसके लिए पुलिस के और जवान बुलाए गए। सादी वर्दी में पुलिस व खुफिया तंत्र के जवानों ने आर्य कॉलेज को चारों ओर से घेरा हुआ था। आखिरकार आजाद सिंह आर्य ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उनके मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया। उन्हें मतलौडा थाना ले जाया गया। बाद में आजाद सिंह को एसडीएम की अदालत में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

रै छोरे मन्ने छोड़ दे, मैं आर्य समाजी कोन्या

पानीपत. करौंथा आश्रम के खिलाफ आचार्य बलदेव के बुलाने पर प्रदर्शन करने जाते समर्थकों में से एक बुजुर्ग पुलिस वाले से हाथ जोड़कर कहता हुआ कि मैं इनका आदमी नहीं, मुझे तो छोड़ दे छोरे।