पानीपत। जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए नगर निगम कार्यालय में आवेदन करने पहुंचे उन आवेदकों के फार्म लौटाए जा रहे हैं, जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। निगम कर्मचारी उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन के साथ अब जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी भी मांग रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं। इससे छात्रों के साथ ही नौकरी के इंतजार में खड़े बेरोजगारों की मुसीबत बढ़ गई है। हालांकि उच्चाधिकारी ऐसे किसी नियम से साफ इनकार कर रहे हैं।
मेयर को बताई परेशानी
जाति प्रमाण पत्र का आवेदन वापस लौटा देने पर रंगा समेत कई अन्य आवेदक नगर निगम के मेयर सरदार भूपेंद्र सिंह से भी मिलने पहुंचे। आवेदकों ने बताया कि उनका जन्म वर्ष 1990 से पहले का है। उनके लिए आनन-फानन में जन्म प्रमाण पत्र बनाना आसान नहीं है। इनमें से कई आवेदकों की सरकारी नौकरी लगनी है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र न मिलने पर काम रुक सकता है।
हमें तो मिल गया आराम
नगर निगम कर्मचारियों ने कहा कि हमें तो आराम मिल गया है। रोजाना सैंकड़ों आवेदन आते थे। निगम कर्मचारी रानी ने बताया कि अब तो दिनभर में मुश्किल से चार पांच ही आवेदन आते हैं। उच्चाधिकारियों ने ही जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होने का नियम बनाया है। जैसे आदेश होते हैं, ऐसे ही काम करते हैं। इस बाबत डीसी ने कहा कि किसी का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन रहा है तो आकर मिल सकते हैं।
जन्म प्रमाण पत्र लाने की बात कह लौटाया
^गांधी कॉलोनी का देवेंद्र रंगा 15 दिनों से परेशान है। उसका जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है। रंगा ने बताया कि का सलेक्शन बैंक ऑफ बड़ोदा में हो गया है। 22 सितंबर को ज्वाइनिंग है, लेकिन उसके पास जाति प्रमाण पत्र नहीं है। असल में रंगा को जाति प्रमाण पत्र देने को कहा गया है। जाति प्रमाण पत्र बनाने जब वह नगर निगम पहुंचा तो उससे आवेदन ले लिया गया, लेकिन 15 दिन बाद जन्म प्रमाण पत्र लाने की बात कह कर वापस लौटा दिया।
"काम करने से बचने का नया बहाना'
^नगर निगम कर्मचारियों ने काम करने से बचने का नया बहाना खोजा है। आवेदन जमा करवाने के लिए जिस कर्मचारी को नियुक्त किया गया है, वह तो किसी से भी ढंग से बात नहीं करतीं। जाति प्रमाण पत्र जल्दी नहीं बनने पर कई काम प्रभावित हो जाएंगे।
- अंकित मलिक, आजाद नगर, पानीपत
"1990 से पहले हुआ जन्म, तो कहां से लाएं प्रमाण पत्र'
^नगर निगम में दरवाजे चस्पाए गए पोस्टर पर किसी अधिकारी के आदेश का हवाला नहीं दिया गया है, जबकि निगम कर्मचारी उपायुक्त द्वारा आदेश जारी करने की बात कह रहे हैं। जिनका जन्म 1990 से पहले हुआ है, वे कैसे जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। सिर्फ लोगों को परेशान करने के लिए ऐसा नियम बनाया गया है। आवेदन जमा करने के लिए नियुक्त की गई कर्मी आवेदन को ऐसे फेंकती हैं, मानो हम कोई गुनहगार हों।
- प्रवीन गहलावत, तहसील कैंप
"अधिकारियों से करूंगा बात'
^जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होने से संबंधित बनाया गया नियम गलत है। जिन आवेदकों का जन्म 1990 से पहले का है वे जल्दी से अपना जन्म प्रमाण कैसे बनवा सकते हैं। दिनभर कई युवा आकर अपना दुखड़ा सुनाते हैं। कइयों की तो सरकारी नौकरी में अड़चन आ चुकी है। कई दाखिला के लिए तो कई छात्रवृति लाभ से वंचित रह जाएंगे।
-भूपेंद्र सिंह, मेयर, नगर निगम, पानीपत
(फोटो- शनिवार को पानीपत नगर निगम में जाति प्रमाण पत्र न बनने को लेकर महापौर सरदार भूपेंद्र सिंह से बात करते अावेदक।)