(सीपीएस शारदा राठौर।)
चुनौती- बल्लभगढ़ से कांग्रेस जिता दें, संन्यास ले लूंगी
नई दिल्ली | टिकट बंटवारे को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर में चल रहे मतभेद के बीच बल्लभगढ़ से विधायक व सीपीएस शारदा राठौर ने कांग्रेस की हार का दावा कर दिया। कहा-तंवर बल्लभगढ़ से कमजाेर उम्मीदवार उतारना चाहते हैं। राठौर ने चुनौती दे डाली कि तंवर यदि बल्लभगढ़ से कांग्रेस को जिता दें तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगी। महिला विधायक ने तंवर पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। इस दौरान शारदा फफक-फफक कर रोने लगी। कहा-चार दिन पहले सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आश्वासन दिया था कि टिकट मुझे ही दिया जाएगा।
राठौर ने ये आरोप जड़े
> पार्टी में रहूंगी, बल्लभगढ़ से नहीं लड़ूंगी। तंवर यहां से किसी को जिताकर देख लें।
> तंवर का मुझे घमंडी कहना, मेरी निजता का उल्लंघन। वे निजी दुश्मनी निकाल रहे हैं।
> तंवर मुझे मानसिक चोट पहुंचा रहे हैं। ऐसा तभी होता है जब किसी से दुश्मनी हो या पर्दे के पीछे किसी से सौदेबाजी हुई हो।
> तंवर मेरे विरोधियों को उकसा रहे हैं। उन्होंने कभी मुझे फोन नहीं किया। ऐसे में फोन न उठाने का उनका आरोप झूठा है।
> तंवर का काम पार्टी तोड़ने वाला है। चुनाव के वक्त उन्होंने जिला व ब्लॉक अध्यक्षों को हटाकर संगठन खत्म कर दिया।
> मैंने कार्यकर्ताओं की अनदेखी से पार्टी छोड़ने का मन बनाया था,पर दीपेंद्र हुड्डा ने मुझसे पुनर्विचार के लिए कहा था।
> मुख्यमंत्री ने भी मुझे बल्लभगढ़ से चुनाव लड़ाने का वादा किया था। मेरे टिकट का विरोध कर तंवर सीएम को ललकार रहे हैं।
> तंवर लोकसभा चुनाव में हुई अपनी हार पर मंथन करें। यही हाल रहा तो भविष्य में भी कभी चुनाव नहीं जीतेंगे। ऐसे नेताओं की वजह से ही पार्टी रसातल में पहुंची।
> मुझे पता चला है कि तंवर कमजोर उम्मीदवारों को उतार रहे हैं ताकि जब पार्टी हारे तो उसका ठीकरा सीएम के सिर फूटे। तंवर अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।
कांग्रेस के 40 स्टार करेंगे प्रचार
मोदी का कामकाज होगा मुद्दा
मोदी सरकार के 100 दिन के कामकाज की खामियों को कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी। केंद्र की विफलताओं को जनता के सामने रखा जाएगा। गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस प्रचार समिति की बैठक में फैसला हुआ कि पार्टी 40 नेताओं को प्रचार के लिए मैदान में उतारेगी।
कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व सांसद नवीन जिंदल की अध्यक्षता में ये बैठक हुई। कांग्रेस महासचिव व हरियाणा प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि हाईटेक प्रचार के साथ घर-घर जाकर संपर्क किया जाएगा। एक खास टीम सोशल नेटवर्किंग साइट्स व सोशल मीडिया पर प्रचार संभालेगी। टीवी,
मोबाइल फोन व शॉट फिल्मस से भी प्रचार होगा। हुड्डा सरकार के गुणगान के साथ-साथ मोदी सरकार पर निशाना रहेगा। क्योंकि भाजपा उन्हीं के नाम पर लड़ रही है।
परिवारवाद पर नरम रुख : परिवारवाद के मुद्दे पर कांग्रेस नरम पड़ती नजर आ रही है। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में मौजूदा नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट की पैरवी की गई। इस मुद्दे पर अहमद ने कहा कि पार्टी परिवारवाद की समर्थक नहीं है लेकिन किसी नेता के परिवार से कोई जीत सकने वाला हो तो उसे टिकट देना गलत नहीं है।
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