पानीपत. इनेलो (इंडियन नेशनल लोकदल) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को लघु सचिवालय के बाहर जीटी रोड पर प्रदर्शन कर मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी को पुतला फूंका और फिर अंदर नारेबाजी कर डीसी के माध्यम से राज्यपाल के नाम सौंपा। इसमें प्रदेश सरकार को बर्खास्त और रामकिशन फौजी के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज की मांग की। डीसी की ओर से ज्ञापन एडीसी आरएस वर्मा ने लिया।
इनेलो कार्यकर्ता पालिका बाजार में इकट्ठे हुए और फिर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इनेलो नेता और कलायत के विधायक रामपाल माजरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इनेलो विधायक दल द्वारा 6 सितंबर 2013 को कांग्रेस के बवानीखेड़ा हलका के विधायक एवं मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी द्वारा सीएलयू दिलवाने की एवज में 5 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने की एक सीडी राज्यपाल को सौंपी।
इसके बाद लोकायुक्त ने सारे मामले की जांच करके 20 जनवरी 2014 को रामकिशन फौजी के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की थी, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पिछले 9 सालों में विकास कार्य नहीं कराए, लेकिन भूमि के सीएलयू के नाम पर उनके विधायकों ने लूट जरूर मचाई। सरकार किसानों की बेशकीमती जमीन कौड़ियों के दाम पर उद्योगपतियों के बेच दी गई।
मंदिरों के क्लश चोरी हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के इशारों पर श्मशान भूमि पर कॉलोनियों काट दी गई हैं। किसानों को जमीन से महरूम कर दिया। कांग्रेस नेताओं ने महात्मा गांधी के नाम पर चलाई गई मनरेगा में भी अंबाला में 25 करोड़ का घोटाला कर गरीबों का हक डकार लिया। मुख्यमंत्री हुड्डा के इशारे पर षड़यंत्र रचकर पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, उनके पुत्र अजय चौटाला व शेरसिंह बड़शामी को जेल भिजवाने का कार्य किया है। इस मौके पर पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष फूलवती, विधायक कृष्णलाल पंवार, जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कालखा और जिला शहरी प्रधान सुरेश मित्तल ने संबोधित किया।
जीटी रोड पर लगा जाम, सचिवालय में भाषण
इनेलो कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका। इस दौरान पांच मिनट तक जाम लग गया। वाहनों की कतार लग गई। इससे वाहन चालकों को असुविधा रही। इसके बाद कार्यकर्ता वाहन लेकर लघु सचिवालय के परिसर में घुस गए। यहां पर निजी वाहनों की एंट्री नहीं है, लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने। यहां पर भाषणबाजी भी चली।