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स्पैट के तीसरे राउंड का फाइनल समाप्त, दौड़ में खइलाड़ियों की हिम्मत दे गई जवाब

9 वर्ष पहले
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पानीपत. शिवाजी स्टेडियम में बुधवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय स्पैट (स्पोट्र्स एंड फिजिकल एप्टीट्यूट टेस्ट) के तीसरे राउंड का फाइनल हो गया। खिलाडिय़ों के लिए 30 मीटर फ्लाइंग और 800 मीटर की दौड़ चुनौती बन गई। इन्हीं दो इवेंट में 80 प्रतिशत खिलाडिय़ों का प्रदर्शन लचर रहा।

इसी वजह से इस बार जिले से मुश्किल से 200 खिलाड़ी ही स्पैट में सफल हो पाएंगे, जबकि गत वर्ष 295 खिलाड़ी चुने गए थे। चुने गए खिलाडिय़ों की सूची चंडीगढ़ भेजी जाएगी, जहां से लिस्ट फाइनल होकर पानीपत पहुंचेगी। काफी खिलाडिय़ों की छंटनी हो सकती है।


स्पैट का टेस्ट काफी कड़ा भी रहा। ब्लॉक स्तर पर सिफारिश या फिर कम अभ्यास करके फाइनल में पहुंचे खिलाडिय़ों के लिए फाइनल राउंड में सख्त नियम परेशानी बन गए। जिला खेल विभाग के अनुसार स्पैट के फाइनल राउंड के लिए 8 से 19 साल के 850 लड़के व लड़कियां चुने गए थे।

इनमें से मंगलवार को 516 खिलाडिय़ों ने टेस्ट दिया था। बुधवार को 242 खिलाड़ी ही मैदान पर पहुंचे। 92 खिलाडिय़ों ने टेस्ट ही नहीं दिया।


खेल निदेशक के आदेश हैं- केवल खिलाड़ी ही आएं
स्पैट के लिए खेल रहे अपने बच्चों को पास करवाने के लिए पेरेंट्स से लेकर कोच भी स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने कई बार सिफारिश की, लेकिन दूसरे जिलों से टेस्ट लेने आए कोचों ने उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। उन्हें कहा गया कि खेल निदेशक के आदेश हैं पेरेंट्स मैदान में न आएं। इस कारण पैरेंट्स को मायूस होकर स्टेडियम के बाहर खड़ा होना पड़ा।

तीन अंकों का सवाल
पीटीआई महेंद्र कुमार ने बताया कि 30 मीटर फ्लाइंग दौड़ को पूरा करने के लिए चार सेकंड का समय था। इसी तरह से 800 मीटर दौड़ को पूरा करने का समय तीन मिनट रखा गया था। इतने समय में खिलाड़ी दोनों दौड़ को पूरा करने में सफल नहीं हो पाए हैं।

इन दोनों दौड़ों के लिए खिलाडिय़ों को तीन-तीन अंक मिलने हैं। इसी तरह से स्टैंड ब्रॉड जंप, मेडिकल बॉल, छह गुना दस मीटर दौड़, फारवर्ड बाय लैंड रीच एंड स्टैंडिंग और वर्टिकल जंप के लिए खिलाडिय़ों को तीन-तीन अंक मिलने हैं।


इसलिए जरूरी है स्पैट
स्पैट के तहत स्कूल स्तर पर खिलाडिय़ों को उनके मनपसंद खेल को खेलने का मौका मिलता है। इसके तहत प्रदेश सरकार द्वारा 8 से 14 साल के खिलाडिय़ों को 1500 और 15 से 19 साल के खिलाडिय़ों को 2000 रुपए प्रतिमाह वजीफा दिया जाता है।

वजीफे के लिए खिलाड़ी की मैदान में महीने में 22 हाजिरी जरूरी है। इस राशि से खिलाडिय़ों को खुराक मिल जाती है। क्रीड़ा श्री व पीटीआई खिलाडिय़ों का नियमित अभ्यास करवाते हैं।