पानीपत। बिजली को लेकर जो आंकड़ें सरकार ने दिखाए हैं, उनके मुताबिक तो बिजली कट कभी लगने ही नहीं चाहिए। सरकार ने बिजली खरीदी जरूर, लेकिन आम लोगों तक पहुंच नहीं पाई। दरअसल, इसके पीछे सच्चाई यह है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर ही इतना कमजोर रहा कि बिजली पहुंच ही नहीं पाती। वहीं, ज्यादातर थर्मल प्लांट खराब ही रहते हैं।
यमुनानगर का थर्मल प्लांट अकसर शटडाउन रहता है। झज्जर के झाड़ली के 1500 मेगावाट और झज्जर के खानपुरा में 1320 मेगावाट के थर्मल में कोयलें की भारी कमी हर वक्त बनी रहती है। सरकार अडाणी समूह से भी बिजली खरीदती है। इस पर तर्क यह है कि घरेलू के मुकाबले सस्ती पड़ती है।
आगे की स्लाइड में पढ़िए अन्य चुनावी मुद्दों के बारे में...