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डाउनलोड करेंपानीपत. नई ड्रग पॉलिसी के विरोध में दवा विक्रेता 10 मई को भारत व्यापी हड़ताल के दौरान दुकानें बंद रखेंगे। राहत की बात यह है कि पानीपत की तीन दुकानें खुली रहेंगी, ताकि आम आदमी को दवा मिल सके। तीन दुकानों में एक दुकान सालारजंग गेट पर, दूसरी सामान्य अस्पताल के सामने और तीसरी रामलाल चौक पर खुली रहेगी। पानीपत में 140 के करीब केमिस्ट की दुकानें हैं।
केमिस्ट प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का विरोध कर रहे हैं। पानीपत कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रधान करतार सिंह मक्कड़ व महासचिव जयभगवान कटारिया का कहना है कि एफडीआई के तहत अब उन्हें अब उन्हें अलग से लाइसेंस लेना पड़ रहा है। इसके अलावा अन्य कारणों से ऑल इंडिया कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने दस मई शुक्रवार को अखिल भारतीय बंद का आह्वान किया है।
नई ड्रग पॉलिसी के तहत जीवन उपयोगी व एंटीबॉयोटिक दवाओं पर छह से सात प्रतिशत मार्जन कम कर दिया है और इस विभाग को फूड एंड ड्रग के हवाले कर दिया है। इस कारण दवा विक्रेता सड़कों पर उतरकर इस पॉलिसी का विरोध करने को मजबूर हैं।
गुरुवार को बैठक में मुख्य रूप से महासचिव जयभगवान कटारिया, चेयरमैन इंद्र सिंह सैनी, संरक्षक जितेंद्र अरोड़ा, हंसराज बठला, जोगिंद्र डांगी, वेद प्रकाश गुप्ता, जारा सिंह मलिक, राजकुमार बजाज, सतीश कुमार, रामकुमार शर्मा अश्विनी गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, संजय कटारिया, जसमेर सिंह मलिक, पुनीत गर्ग, यश अनेजा, अजीत सिंह मक्कड़, वीरेंद्र पोसवाल, योगेश सोन, विनोद गोयल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
एफडीआई के विरोध में साढ़े सात लाख दुकानें बंद
प्रधान करतार सिंह मक्कड़ ने बताया कि ऑल इंडिया कैमिस्ट्स एवं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर भारत बंद के दौरान देश के साढ़े सात लाख दवा व्यवसायी अपनी दुकानों को बंद करके जिला व राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। एफडीआई से दवा क्षेत्र में क्रय-विक्रय आगमन से 25 लाख परिवार व एक करोड़ से अधिक जनता प्रभावित होगी।
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