पानीपत/चंडीगढ़। प्रदेश में 1.10 लाख लोगों को सरकार कंप्यूटर व नेट फ्रेंडली बनाएगी। इसके तहत 5 जिलों गुड़गांव, फरीदाबाद, जींद, करनाल और पंचकूला जिले के एक-एक खंड में हर घर से एक व्यक्ति को कंप्यूटर सिखाया जाएगा। इस तरह पहले चरण में अक्टूबर, 2015 तक 20,000 लोगों को कंप्यूटर और इंटरनेट की शिक्षा दी जाएगी। बाकी 90,000 लोगों को अगले 4 चार साल में इंटरनेट सिखाया जाएगा। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के तहत राज्य सरकार सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से यह अभियान चलाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह ट्रेनिंग कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से दी जाएगी। इसके तहत पहले चरण में लेवल-1 के अन्तर्गत चयनित लोगों को आईटी के बारे में बताया जाएगा ताकि वे कंप्यूटर या डिजिटल उपकरणों का सही ढंग से संचालन कर सकें। उन्हें इस ट्रेनिंग में ई-मेल भेजने, रिसीव करने और इन्टरनेट पर किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के बारे में बताया जाएगा। लेवल-2 के अंतर्गत उन्हें बेसिक ट्रेनिंग के साथ-साथ गवर्नमेंट टू सिटिजन एंड बिजनस टू सिटिजन सर्विसेज की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन खंडों को शत-प्रतिशत डिजिटल शिक्षित करना है।
500 रुपए होगी फीस
लेवल-1 कोर्स की फीस 500 रुपए है। इसका ट्रेनिंग पीरियड 20 घंटे रहेगा। जबकि लेवल-2 कोर्स की फीस 1000 रुपए है। इसका ट्रेनिंग पीरियड 40 घंटे रहेगा। इसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 25 फीसदी पैसा ही देना पड़ेगा, जबकि 75 फीसदी पैसा केंद्र सरकार देगी। इस तरह लेवल-1 के लिए मात्र 125 रुपए और लेवल-2 के लिए 250 रुपए ही देने पड़ेंगे।
पिछड़ा वर्ग को मिलेगा विशेष लाभ
इस ट्रेनिंग में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों के लोगों के लिए 50 फीसदी सीटें रिजर्व रखी जाएंगी। इन सीटों पर प्रवेश लेने वाले लोगों की शिक्षा का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। जबकि बाकी 50 फीसदी सीटें सामान्य वर्ग के लिए होंगी।