रेवाड़ी. एक और दो फरवरी को ठिठुरन के बीच होने जा रही हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) केंद्र दूर दिए जाने के खिलाफ प्रदेशभर में उठ रहे विरोध के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. अंशज सिंह का दावा है कि लगभग दो हजार ऐसे युवाओं को दूर का सेंटर मिला है जिनकी फीस बोर्ड को निर्धारित समय के बाद मिली थी। अगर बोर्ड के इस दावे में सत्यता है तो फिर दो दिनों (28-29 जनवरी) में दूर दराज परीक्षा केंद्रों के लिए 150 के आसपास रोडवेज की बसें कैसे बुक हो गईं। इस हिसाब से 52 यात्री एक बस में होने के आधार पर अभी तक 7800 परीक्षार्थी रोडवेज के सहारे दूर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे। रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक 30-31 को होने वाली बुकिंग के बाद परीक्षा के लिए लंबे रूटों पर चलने वाली बसों की संख्या 300 को पार कर सकती है। ट्रेन, निजी बसें और वाहनों से जाने वालों की संख्या अलग है।
बुधवार को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद भिवानी, दादरी समेत 10 जिलों के डिपो से जुटाई जानकारी के मुताबिक 150 के आसपास रोडवेज की बसें इस परीक्षा के लिए बुक हो चुकी हैं। यहां बता दें कि इन रूटों पर सीधी सर्विस नहीं होने की वजह से रोडवेज ने अपने मुनाफे व परीक्षार्थियों की परेशानियों को समझते हुए एक साल से यह बुकिंग सर्विस शुरू की हुई है।
चाहते तो फार्म भी रद्द कर सकते थे
बोर्ड सचिव डॉ. अंशज सिंह का कहना है कि लगभग दो हजार ऐसे परीक्षार्थी थे जिनकी फीस बोर्ड को निर्धारित समय सीमा के बाद मिली थी। केवल उन्हीं युवाओं को ही दूर के परीक्षा केंद्र अलॉट किए गए हैं। बोर्ड प्रशासन चाहता तो ऐसे युवाओं के फार्म ही रद्द कर सकता था लेकिन किसी को कोई नुकसान न हो इसलिए उन्हें भी सेंटर अलॉट किया गया। सेंटर शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित पॉलिसी के अनुसार ही दिए गए हैं। सचिव का यह दावा भी है कि इस परीक्षा में किसी को भी जानबूझकर टारगेट नहीं किया गया है यानि किसी भी जिले के युवाओं को दूर परीक्षा सेंटर अलॉट नहीं किया गया है।
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