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बिजली सिस्टम हो गया फेल, निगम शाखाएं लगी अपने बचाव में

7 वर्ष पहले
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पानीपत। गोहाना रोड पावर हाउस में लगे 16 एमवीए ट्रांसफार्मर के जलने से 4 दिन तक शहर की 40 कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। मेंटीनेंस के कारण शहर के 8 फीडरों पर ट्रिपिंग होने से परेशानी और बढ़ गई। 4 दिन बाद बिजली वितरण व प्रसारण के लिए जिम्मेदार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की गलतियां सामने आई है। अब जिम्मेदारी लेने के बजाय दोनों विभाग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। विभागों का कहना है कि अपने हिस्से के बिजली उपकरणों की मरम्मत समय पर नहीं करवाने से यह समस्या आई है।
12 सितंबर को दोपहर 2:42 बजे गोहाना रोड पावर हाउस में रखा टी-6 ट्रांसफार्मर अचानक जला गया। इससे 11-11 केवी 8 फीडरों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। इन फीडरों से शहर में जीटी रोड, रेलवे रोड, किशनपुरा, शुगर मिल के आसपास का एरिया, अनाज मंडी का एरिया, इंसार बाजार क्षेत्र, सिविल अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों में बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई। बार बार ट्रिपिंग से लोग के बिजली के उपकरण भी जल गए। इधर, 1.50 करोड़ रुपए का टी-6 ट्रांसफार्मर के जलने के बाद उच्चाधिकारियों ने रिपोर्ट मांगी तो संबंधित विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
आनन-फानन में मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली की सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन अधिकारियों को जवाब नहीं सूझ रहा है। जवाब में दोनों विभाग एक-दूसरे की कमियां उजागर करने में लग गए हैं। दोनों विभाग बिजली उपकरणों की वीडियो क्लिप बनाकर बचाव की मुद्रा में आ गए हैं।
ये हैं विभाग और उनके काम

> उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम : उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने वाली बाहरी लाइनों की समय पर मेंटीनेंस करना।

> हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम : बिजली के प्लांटों से पावर हाउस तक बिजली लाना व पावर हाउस के बाहर उपभोक्ताओं के घर तक जाने वाली लाइन से इसे जोड़ना।

> हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की शाखाएं ट्रांसमिशन सिस्टम और मेंटीनेंस एंड प्रोटेक्शन : बिजली सप्लाई करना और ट्रांसफार्मर के आसपास लगे उपकरणों का रखरखाव करना व सुरक्षा।
जलने से बच सकता था ट्रांसफार्मर
टी-6 ट्रांसफार्मर जलने से बच सकता था। ट्रांसफार्मर जलने से पहले तीन प्वाइंट ऐसे होते हैं, जो इसकी सुरक्षा करते हैं।

> वीएसबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) में इन कमिंग व आउट गो विंग में रिले ब्रेकर होती हैं। लाइनों में किसी भी तरह का फाल्ट आने पर ये रिले ट्रिप हो जाती हैं, लेकिन दोनों ही प्वाइंटों की रिले ट्रिप नहीं हुई।

> मुख्य ट्रांसफार्मर पर भी रिले होती हैं। किसी भी तरह के फाल्ट आने पर ये रिले ट्रिप नहीं हुई और सीधा ट्रांसफार्मर पर ही अटैक हो गया।

> मुख्य ट्रांसफार्मर में 132 केसी लाइन से जुड़ने वाले प्वाइंट व 11 केवी वाले प्वाइंट पर भी रिले होती हैं। यह भी इसे जलने से नहीं बचा पाई।
दोनों विभागों की खामियां आई सामने
टी 6 ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने पर 11 केवी सेड एरिया फीडर, खन्ना रोड फीडर, डाहर फीडर, टीपीआर फीडर, रेलवे स्टेशन फीडर, एमआईटीसी फीडर, विराट नगर फीडर व वर्धमान फीडर की बिजली सप्लाई बाधित रही। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वितरण और प्रसारण दोनों स्तर पर कमियां रही। जिस कारण कीमती ट्रांसफार्मर जल गया और शहरवासी बिजली के लिए परेशान रहे।
मोबाइल ट्रांसफार्मर लगा, चलाया काम
16 एमवीए का टी-6 ट्रांसफार्मर जलने के बाद अभी इसकी जगह पर इतनी ही क्षमता का मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाया गया है। मोबाइल ट्रांसफार्मर राज्य में करनाल व गुड़गांव में ही हैं। जहां पर भी ट्रांसफार्मर जलता है, वहां पर एमरजेंसी में मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाए जाते हैं।
नया ट्रांसफार्मर भी जलने से बचा

16 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर भी जलने से बच गया। सूत्र बताते हैं कि ट्रांसफार्मर से वीसीबी बॉक्स के बीच केबलों में फाल्ट था। ट्रांसफार्मर रखने से पहले केबल की जांच नहीं की गई। ट्रांसफार्मर रखने के बाद जैसे ही लाइन चालू की गई, अचानक फाल्ट हो गया।
अपने-अपने दावे
एक-दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप
यहां पर ठीक होने का दावा

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के सिटी एक्सईएन कशिक मान ने आरोप लगाया कि हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की शाखा ट्रांसमिशन सिस्टम व मेंटेनेंस एंड प्रोटेक्शन की कमजोर मेंटेनेंस के कारण वीएसबी (वैक्यूम सर्किट ब्रेकर) में फाल्ट आया। इसी फाल्ट के कारण ही 16 एमवीएस का टी-6 ट्रांसफार्मर जला है। वहीं हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की शाखा ट्रांसमिशन सिस्टम और मेंटेनेंस एंड प्रोटेक्शन शाखा के अधिकारी अपनी-अपनी तरफ से सब ठीक होने का दावा कर रहे हैं।
5 साल में ही जल रहे ट्रांसफार्मर

मेंटेनेंस एंड प्रोटेक्शन के एक्सईएन संजय वर्मा ने बताया कि अगर लाइनों व फीडरों की समय पर मरम्मत नहीं होती। इससे फीडर आए दिन 10 से 15 बार ट्रिप होते हैं। बार-बार फीडर ट्रिप होने के कारण 16 एमवीए या इसके कम व ज्यादा क्षमता वाले ट्रांसफार्मर जलते हैं। 15 से 20 साल सुरक्षित रहने वाले ट्रांसफार्मर 5 साल में ही जल रहे हैं।
"हमारा कोई फाल्ट नहीं'

आरपी शर्मा, ट्रांसमिशन सिस्टम, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम का कहना है कि टी-6 ट्रांसफार्मर जलने में हमारा कोई फाल्ट नहीं है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीन आने वाली गोहाना रोड अंडर पास के नजदीक केबल में फाल्ट आने से ट्रांसफार्मर जला है। किसी भी ट्रांसफार्मर के बहुत नजदीक केबल या तारों में फाल्ट आता है तो इसका सीधा असर ट्रांसफार्मर पर भी पड़ता है और जलने के बहुत ज्यादा चांस रहते हैं।