गोहाना. कानून को सख्त बनाने से महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिल सकती। कानून को प्रभावी ढंग से लागू कराने के साथ-साथ समाज के लोगों की मानसिकता बदलनी होगी। झूठी शिकायत करने वाली शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। यदि अपराध एक समान किया है तो सजा देने में बालिग और नाबालिग में भेदभाव क्यों? भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में आयोजित दो दिवसीय महिला युवा संसद में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कानून में संशोधन बिल पर बहस के दौरान कई सवाल खड़े किए। इस संसद का आयोजन हरियाणा विधानसभा के तत्वावधान में किया गया था। बाद में संसद की भांति ही सत्ता और विपक्ष नेताओं के बहस के बाद बिल पास कर दिया गया।
भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में आयोजित युवा संसद के दौरान अपने विचार रखतीं छात्राएं। इस संसद का शुभारंभ हरियाणा बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष आशा हुड्डा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों को जानने और पाने की लड़ाई लड़नी चाहिए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि इस कार्यक्रम से छात्राएं संसदीय कार्यप्रणाली के प्रति अपनी समझ को विकसित कर सकेंगी।
वहीं संसद जैसे हुबहु कार्यवाही देखने की साक्षी भी बनेंगी।