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मिलिए हरियाणा की राजनीति में सक्रिय महिलाओं से, जो हैं परिवार की पहचान

7 वर्ष पहले
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इनेलो प्रत्याशी संतोष यादव।
पानीपत. ये वे महिलाएं हैं, जिनके नाम से परिवार की पहचान होती है। राजनीति में सक्रिय इन महिलाओं ने उस सोच को तोड़ा है, जिसमें महिला को पति या परिवार के सदस्य के नाम से पहचाना जाता है।
तीन बार हारीं संतोष हौसला है कायम
"बात आपातकाल की है। मेरे पिताजी अध्यापक संघ के प्रधान थे। देवीलाल का घर आना-जाना था। 1987 में मुझे नारनौल से टिकट दिया गया। भाजपा से गठबंधन होने के कारण यह टिकट भाजपा कोटे में चला गया। वर्ष 2000 में लोकदल से अटेली से चुनाव लड़ा। मात्र 334 मतों से हार हुई थी। अगला चुनाव और 2009 में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन हौसला नहीं हारा। जनता जरूर इस बार जिताएगी।'
-संतोष यादव, इनेलो प्रत्याशी

संतोष यादव के नाम से ही उनके परिवार की पहचान है। संतोष को इस बात का मलाल है कि वह राजनीति के कारण परिवार को ज्यादा समय नहीं दे सकीं।
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