भगत सिंह डागर| पलवल
भगत सिंह डागर| पलवल
भास्करअखबार बेटियों के लिए समर्पित है, मैं बेटी बचाओ अभियान का प्रशंसक हूं, इसीलिए मैं नारी के सम्मान के लिए पलवल तो क्या देश के किसी भी कोने में जाकर समाज सेवा का कार्य कर सकता हूं।
ये बातें बुधवार को सरस्वती महिला कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे महाभारत में गुरु द्रोण की भूमिका निभा चुके सुरेंद्र पाल ने बातचीत के दौरान कहीं। सुरेंद्र पाल ने कहा कि उन्होंने दर्जनों टीवी धारावाहिकों में भूमिका निभाई है और कई फिल्मों में अभिनय किया हैं, लेकिन उनकी जो पहचान आज लोगों के बीच बनी है वह केवल महाभारत में गुरु द्रोण की भूमिका से बनी है। उन्हें महाभारत में भूमिका निभाने के बाद ही नारी सम्मान की सीख मिली। उन्होंने कहा कि बेटी जहां पैदा होती है, वह अकेली पैदा नहीं होती, बल्कि पूरा एक वंश पैदा होता हैं। उन्होंने कविता के रूप में कहा-बेटियां सबके नसीब में कहां होती है, बेटियां तो बड़ी मुश्किल से होती है, स्कूल जाते हैं बेटे, पढ़ जाती हैं बेटियां, जब दर्द देते हैं बेटे तो मरहम लगाती हैं बेटियां। उन्होंने कहा कि मां हमारी हो या आपकी, बेटी हमारी हो या आपकी सभी का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने अपने टीवी धारावाहिकों के बारे में बताया कि फिलहाल उनके सीरियल देवों के देव महादेव, शक्तिमान, महाराणा प्रताप, दीया बाती और हम सूर्य पुत्र कर्ण हैं।