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अस्पताल में साल के अंत तक डायलिसिसि मशीन होगी इंस्टाॅल

5 वर्ष पहले
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कैथलैब के बाद अब जनरल अस्पताल में लोगों को डायलिसिस की सुविधा जल्द ही मिलने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पीजीआई सहित अन्य बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट्स में डायलिसिस की प्रक्रिया का जायजा ले रही है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जनरल अस्पताल सहित प्रदेश के कुछ अस्पतालों में डायलिसिस शुरू किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद से विभाग की ओर से इस पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया गया। जिले इसके आसपास से आने वाले डायलिसिस के मरीजों को पीजीआई सहित चंडीगढ़ के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ता है। विभाग की मानेंतो अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने पर कम कीमत में मरीजों का इलाज हो सकेगा। सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल ने बताया कि जल्द ही अस्पताल में किडनी के मरीजों के ट्रीटमेंट के लिए अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत अब ऐसे मरीजों को कम कीमत में अस्पताल में ट्रीटमेंट मिल सकेगा। बंसल ने बताया कि डायलिसिस का ट्रीटमेंट अगले दो महीनों में लोगों को मिलने लगेगा। सेक्टर 6 के जनरल अस्पताल में पिछले साल एसीएस ने दौरा किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि जल्द ही अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए डिपार्टमेंट स्टडी कर रहा है, जैसे ही स्टडी पूरी हाेती है ताे इसे आगे बढ़ाया जाएगा। अब साल के अंत तक अस्पताल में डायलिसिस मशीन का सेटअप इंस्टॉल कर दिया जाएगा। उसके बाद यहां मरीजों का डायलिसिस भी किया जा सकेगा। फिलहाल पंचकूला ही नहीं, इसके आस पास के हजारों नहीं, लाखों मरीज डायलेसिस के लिए चंडीगढ़ जाते हैं। इसके साथ कई ऐसे भी हंै जो प्राइवेट में ज्यादा फीस देकर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि पंचकूला के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा ही नहीं है। वहीं, अब जब यहां डायलिसिस की मशीन इंस्टॉल होगी तो इन सभी मरीजों के साथ आस पास के इलाके में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। किडनी के इलाज के लिए होने वाले डायलिसिस के लिए अभी लोग प्राइवेट अस्पताल में 4 हजार या इससे ज्यादा रुपए खर्च कर रहे है। डायलेसिस एेसा इलाज नहीं है कि एक बार करने पर ही बीमारी ठीक हो जाती है। डायलेसिस कई बार करवाना होता है। मरीज के लाखों तक लग जाते है। मिडल क्लास और गरीब फैमिली के लिए डायलेसिस करवाना काफी मुश्किल हो जाता है।

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