गुरुकुल, जीरकपुर में काइट्स ट्रेन, सतरंगी हुआ नीला आसमान
बसंत पर्व का महत्व
एक डोर में 150 पतंग
बसंत ऋतु का आगमन बसंत पर्व से ही होता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। परम्परा के अनुसार पतंगबाजी बसंत पंचमी से जुड़ी है। इसलिए इस दिन पतंगें उड़ाई जाती हैं। फोटो-अशोक कुमार
गुरुकुल स्कूल जीरकपुर में शुक्रवार को बसंत पंचमी का आयोजन किया गया। स्टूडेंट्स ने करीब 150 पतंगें उड़ाईं। इस मौके पर गुरुकुल स्कूल पंचकूला के स्टूडेंट्स ने भी हिस्सा लिया। तरह-तरह के रंगों की पतंगों ने नीले आसमान को सतरंगी बना दिया।
रंगों की उड़ान
बसंत पंचमी पर