बसंत पंचमी पर अस्पताल में छुट्टी, कई मरीज बिना इलाज के ही लौटे
बसंतपंचमी के मौके पर सरकारी छुट्टी होने के चलते सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीमित स्टाफ होने के चलते लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों को लाइन में लगकर इलाज करवाना पड़ा। जैसे ही कोई इमरजेंसी केस आता तो लोगों को ओर ज्यादा समय लग जाता। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।
जब भी कभी ऐसे सप्ताह के बीच में सरकारी छुट्टी आती है तो लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो जाती हैं। शुक्रवार, शनिवार और रविवार को ओपीडी बंद होने से सोमवार को ही मरीज दवाई के लिए सकेंगे। सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल ने बताया कि शुक्रवार को छुट्टी के दिन इमरजेंसी वॉर्ड में डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। मरीजों को प्रॉपर ट्रीटमेंट दिया गया। उन्हें इमरजेंसी मेडिसिंस भी दी गईं।
अस्पताल में सरकारी छुट्टी होने के कारण मरीजों को काफी परेशान होना पड़ा। शुक्रवार को इमरजेंसी में सिर्फ दो ही डॉक्टर थे, जबकि यहां एक साथ करीब 8 से 10 मरीज स्ट्रेचर पर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। वहीं, यहां दो स्टाफ नर्स और एक फोर्थ क्लास कर्मी और एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहा।
{अस्पताल में सीमित स्टाफ होने के चलते लग गई मरीजों की लाइन
रजनी अपने डेढ़ साल के बच्चे का इलाज करवाने के लिए यहां आई थी, लेकिन उसने बताया कि पौने घंटे तक इंतजार करने के बाद उसका नंबर नहीं आया। जिसके करीब 1 घंटे बाद वह यहां से चली गई। उन्होंने बताया कि यहां उन्हें अगले दिन आने के लिए बोल दिया था। लेकिन बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब थी। जिसके चलते वह मनीमाजरा के प्राइवेट अस्पताल में बच्चे का इलाज करवाने चली गई।
अस्पताल में सभी ओपीडी बंद थी, जिस कारण इलाज के लिए अस्पताल की इमरजेंसी में ही मरीजों की लाइनें लगी रही। मरीज इमरजेंसी में लाईन लगाकर भी खड़े थे और स्ट्रेचरों पर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे।
अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के लिए आने वाले मरीज के साथ उनके तीमारदार भी काफी परेशान हुए। अस्पताल में छुट्टी होने के कारण यहां रूटीन की तरह स्टाफ की भी कमी दिखी। जिससे यहा लोगों को अपने मरीज अपने आप ही एंबुलेंस या अपनी गाड़ियों से उतारना पड़ा। यहां बाहर लगे स्ट्रेचरों पर लेटाकर इमरजेंसी तक ले जाना पड़ा। वहीं, अगर यहां फोर्थ क्लास कर्मी होते तो मरीजों के घरवालों को परेशान नहीं होना पड़ता।