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से.-20 में तीसरी बार इन्हांसमेंट, 3 हजार ओनर्स, हर एक पर 1.31 लाख रु. का बोझ

5 वर्ष पहले
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संजीव रामपाल| पंचकूला sanjiv.rampal@dbcorp.in

सेक्टर-20की ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के लोगों को फ्लैट खरीदना आखिर महंगा पड़ गया। 15 साल में दो बार इन्हांसमेंट जमा करा चुके रेजिडेंट्स को अब तीसरी बार इन्हांसमेंट देने का फरमान सुनाया गया है। हुडा ने सेक्टर-20 में 110 साेसायटीज के करीब 3000 फ्लैट आेनर को नोटिस दिया है। कहा गया है कि इन्हांसमेंट के अलावा बीते 6 साल का करीब 15 फीसदी ब्याज भी देना होगा। 110 सोसायटीज को 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का इन्हांसमेंट 6 साल की ब्याज के साथ जमा कराना है। यानी हर एक फ्लैट आेनर पर करीब 1.31 लाख रुपए आएंगे। इसमे वे अोनर्स भी हैँं, जिन्होंने पहले दो बार इन्हांसमेट नहीं दिया है। उन्हें करीब 2.50 लाख से 3 लाख रुपए तक देने होंगे। सेक्टर-20 को बसे 18-20 साल हो चुके हैं। सेशन कोर्ट ने किसानों की मांग पर 2002 में इन्हांसमेंट जमा कराने का ऑर्डर दिया था। हुडा ने 2004 में रेजिडेंट्स को नोटिस देकर इन्हांसमेंट जमा कराने को कहा। किसानों ने तय मुआवजे को कम बता फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी। हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट को अपने फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 2008 में बढ़े हुए मुआवजे के आधार पर इन्हांसमेंट लेने के ऑर्डर दिए। हुडा ने फिर 2010 में नोटिस देकर रुपए मांगे। हुडा अफसरों से मीटिंग के बाद नई इन्हांसमेंट के आधार पर कुछ लाेगों को पहले जमा कराई रकम से कुछ पैसे वापस भी दिए गए। 2013 में अपनी पहली कैलकुलेशन को गलत बताते हुए कुल इन्हैंसमेंट में 25 परसेंट बढ़ोतरी कर दी। अब नई कैलकुलेशन के आधार पर रेजिडेंट्स को इन्हांसमेंट जमा कराने को कहा जा रहा है। हुडा की ओर से जो इन्हांसमेंट मांगी जा रही है, उसमे अलग- अलग सोसायटीज को अलग-अलग रुपए का हिसाब रखा गया है।

सेक्टर-20 में ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के रेजिडेंट्स से कॉमन पर्पज लैंड को भी जोड़कर इन्हांसमेंट मांगी जा रही है। इसमें मार्केट एरिया, श्मशान घाट, कम्युनिटी सेंटर, पुलिस स्टेशन, रोड्स का एरिया भी शामिल है। लोगों का तर्क है कि यह एरिया ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज में रहने वाले लोग यूज ही नहीं करते। पंजाब में पड़ने वाले पीर मुछल्ला के लोग भी इस एरिया को यूज करते हैं। तो इस आधार पर उनसे इस एरिया की भी इन्हांसमेंट मांगना ठीक नहीं है।

तीसरी बार इन्हांसमेंट मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर से मीटिंग की थी। उन्होंने हुडा की तरफ से ज्यादा इन्हांसमेंट लेने की केलकुलेशन मांगी थी। लोगों की तरफ से दिए लेटर सीएम को भेजा जा चुकी है। इस बारे में जल्द ही दोबारा सीएम से मिलूंगा। लोगों को इन्हांसमेंट पर 15 परसेंट ब्याज लिए जाने पर ऑब्जेक्शन है। इसके अलावा लोग काॅमन एरिया जैसे सड़क, पार्क, मार्केट, श्मशान घाट, प्राइवेट बिल्डर्स को दी गई जमीन, पुलिस स्टेशन, कम्युनिटी सेंटर आदि एरिया की भी इन्हांसमेंट ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के रेजिडेंट्स से वसूलने के खिलाफ है। -ज्ञानचंदगुप्ता, एमएलए,पंचकूला

सोसायटीज को जमीन अलॉटमेंट के लिए तय शर्तों में क्लॉज है कि भविष्य में किसी तरह की इन्हांसमेंट उन्हें देनी होगी। फ्लैट के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। ये किसान कम मुआवजे के खिलाफ कोर्ट में चले गए। कोर्ट ने मुआवजे को बढ़ा दिया। इस मुआवजे के आधार पर ही रेजिडेंट्स से इन्हांसमेंट मांगी जा रही है। हुडा किसानों को साल 2010 में बढ़ा हुआ मुआवजा दे चुका है। अब रेजिडेंट्स से किसानों को दी गई रकम मांगी जा रही है जिसमें कोई गलत नहीं है। -कमलेशकुमार, इस्टेटअफसर, हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी

हुडा ने हाउसिंग सोसायटीज की इन्हांसमेंट तय करते हुए प्राइवेट बिल्डर्स को नोटिस नहीं दिया है। सेक्टर-20 में कई प्राइवेट बिल्डर्स ने भी सोसायटीज डेवलप की हैं। इन प्राइवेट बिल्डर्स के 2500 से ज्यादा फ्लैट भी हैं। इसके अलावा मार्केट में बने शोरूम और बूथ मालिकों पर भी किसी तरह की इन्हांसमेंट नहीं डाली गई है। ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज के रेजिडेंट्स का तर्क है कि आर्मी, हरको इनकम टैक्स सोसायटीज को भी इन्हांसमेंट से रिलीफ दिया गया है जबकि किसानों की जमीन अधिग्रहण कर ये सोसायटीज भी डेवलप की गई हैं।

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