प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने दवाई पर लगाई ऑब्जेक्शन
पेटकी कई बीमारियों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी से लेकर प्राइवेट स्कूल में बच्चों को एलबेंडाजोल की दवाई खिलाई। हरियाणा में ऐसे कई जिले हैं, जहां ऐसे बच्चे भी सामने आए जिन्हें दवाई खाने के बाद पेट में दर्द होने लगा। जिन्हें तुरंत अस्पताल में भी भर्ती किया गया। अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि वाकई बच्चों को एलबेंडाजोल की वजह से पेट में दर्द हुआ है। पंचकूला में अभी तक ऐसे केस सामने नहीं आए है, जिनमें बच्चों को दवाई खाने के बाद पेट में दर्द हुआ हो। दूसरे जिलों में कुछ ऐसे बच्चे, जिन्हें दवाई खाकर पेट में दर्द की शिकायत हुई। इन्हें देखते हुए अब पंचकूला के प्राईवेट स्कूल के प्रिंसिपल्ज ने स्वास्थ्य विभाग की इस एलबेंडाजोल दवाई पर ऑब्जेक्शन लगा दिया है। इसके बाद अब पंचकूला स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट होने के साथ स्पेशल डॉक्टर्स के साथ मिलकर रेपिड एक्शन टीम बनाई है। एलबेंडाजोल दवाई से किसी को भी साईड इफेक्ट नहीं है। इसके पेट में ज्यादा वॉर्म होते है, उन्हें ही पेट में दर्द की शिकायत होती है। इसका भी कोई खतरा नहीं है। अन्य जिलों में दवाई खाने के कुछ देर बाद बच्चों के पेट में दर्द हुआ। जिन्हें देख जिले के कुछ प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने स्वास्थ्य विभाग को दवाई की पूरी तरह से परख किए जाने के बाद बच्चों को दिए जाने की गुजारिश की है। अभी तक स्कूल प्रबंधक इस मामले में खुलकर सामने नहीं रहे। यह अभियान सरकार की ओर से चलाई जा रही है और इसके विरोध से किसी स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई का डर है।
स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की रैपिड एक्शन टीम घोषित
डिप्टीसिविल सर्जन डॉ. सरोज अग्रवाल ने बताया कि पंचकूला में अभी तक ऐसा कोई भी केस सामने नहीं आया, जिसे एलबेंडाजोल दवाई खाने के बाद पेट में दर्द हुआ हो। अगर कोई केस भी जाता है तो उसके ट्रीटमेंट के लिए हम पूरी तरह से तैयार है। हमने स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की रैपिड एक्शन टीम बनाई है। इसमें एक सीनियर मेडिकल ऑफिसर के साथ दो मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर तैनात किए गए है। अगर कोई ऐसा केस सामने भी आता है ताे उसे तुरंत हॉस्पिटलाइज्ड किया जाएगा।