आम आदमी को सस्ता मिलेगा ‘अपना घर’
अबआपको सस्ते घर प्लॉट के चक्कर में अवैध कॉलोनियों में रिस्क लेने की जरूरत नहीं। अब पूरी तरह से वैध कॉलोनी में भी आम आदमी अपने बजट में घर ले सकेगा। फायदा सिर्फ आम आदमी का ही नहीं बल्कि उन बिल्डरों का भी होगा। बिल्डर्स को अब आसानी से अपनी जमीन पर प्लॉटिंग करने के लिए लाइसेंस भी मिलेगा और सुविधाएं भी। ये सबकुछ हो रहा है सरकार की दीनदयाल आवास योजना में। योजना के लिए सरकार की ओर से नोटिफिकेशन दो दिन पूर्व ही किया जा चुका है।
डेवलपर्सका लगेगा कम चार्ज, इसलिए सस्ते होंगे घर
दीनदयालआवास योजना को लेकर उपायुक्त डॉ. यश गर्ग जिला योजनाकार अधिकारी नरेश शर्मा ने संयुक्त रूप से इस पॉलिसी के बारे में जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी अधिसूचना की तिथि 8 फरवरी 2016 से केवल 90 दिनों तक लागू रहेगी। सरकार ने इस योजना के तहत जनहित को ध्यान में रखते हुए कम से कम 5 एकड़ अधिक से अधिक 15 एकड़ भूमि पर अफोर्डेबल प्लॉटेड कॉलोनी विकसित करने का प्रावधान किया है, जिससें कोई भी व्यक्ति 5 एकड़ या उससे अधिक भूमि जो कि रिहायशी सेक्टर में आती है पर अफोर्डेबल प्लॉटेड कॉलोनी विकसित करने के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन कर सकता है। योजना के तहत रेवाड़ी, धारूहेड़ा एमबीआईआर (मानेसर-बावल इंवेस्टमेंट रिजन) में प्रस्तावित रिहायशी जोन में लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस योजना में आम आदमी को बजट में घर मिलेगा क्योंकि सरकार ने कॉलोनी डेवलपर्स से लाइसेंस के लिए कम से कम चार्ज वसूल करने का प्रावधान किया है। इससे विकसित प्लॉट की कीमत अधिक नहीं होगी। योजना के तहत 20 प्रतिशत एरिया दीन दयाल आवास योजना विकसित करने के लिए आरक्षित किया गया है।
वैध कॉलोनी विकसित करने का बेहतर मौका : डीसी
^उपायुक्तडॉ. यश गर्ग का कहना है कि रेवाड़ी, धारूहेड़ा बावल शहर सरकार द्वारा अधिसूचित मध्यम जोन में स्थित है। इस आवासीय योजना को विकसित करने हेतु तीनों शहरों में अधिक से अधिक डेवलपर आवेदन करें ताकि हर आम आदमी को उसकी आमदनी के अनुरूप घर उपलब्ध करवाया जा सके। योजना के सिरे चढ़ने से शहर को अवैध निर्माण लोगों को अवैध कालोनी में प्लाट लेने से छुटकारा मिलेगा।
इसलिए लेंगे बैंक गारंटी
इसयोजना से बिल्डर और आम आदमी दोनों काे लाभ मिलेगा लेकिन डेवलपर आम आदमी को मंझधार में छोड़कर ना भागे, इसके लिए बैंक गारंटी का प्रावधान भी किया गया है। जिला योजनाकार अधिकारी नरेश शर्मा बताते हैं कि बिल्डर को लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय बैंक गारंटी भी देनी होगी जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वह कॉलोनी को डेवलप करने में पूरी तरह से सक्षम है। दूसरा प्रावधान यह भी है कि बिल्डर शुरुआती तौर पर केवल 50 प्रतिशत प्लॉट फ्लैट बेच सकेगा तथा बाकी का 50 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलप करने के बाद बेचे जा सकेंगे।
ये होंगे कॉलोनी में प्लॉट के नार्म्स
{प्लॉट का अधिकतम एरिया 150 वर्गमीटर होगा। { कॉलोनी में कम से कम अधिकतम जनसंख्या 240 से 400 व्यक्ति प्रति एकड़ होगी। { कुल लाइसेंसी क्षेत्र का रिहायशी वाणिज्यिक एरिया 65 प्रतिशत होगा। { अधिकतम प्लॉट जो कि 150 वर्गमीटर है, का एफएआर 200 प्रतिशत होगा। { विकसित की गई कॉलोनी में आंतरिक सड़क की चौड़ाई 9 मीटर होगी तथा कुल ओपन स्पेस एरिया 7.5 प्रतिशत होगा। { कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस एनपीएनएल कैटेगरी का प्रावधान नहीं है।
येहोगी लाईसेंस के फीस
{कॉलोनी के मध्यम क्षेत्र में लाइसेंस फीस एक लाख रुपए ईडीसी हेतु 10 लाख रुपए प्रति एकड़ निम्न क्षेत्र में लाइसेंस फीस 10 हजार रुपए ईडीसी 5 लाख रुपए प्रति एकड़ होगी। {स्क्रूटनी फीस 10 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से होगी। { कंवर्जन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का कोई चार्ज नहीं लगेगा।
{ मध्यम क्षेत्र में लाइसेंस फीस एक लाख रुपए ईडीसी हेतु लगेंगे 10 लाख रुपए प्रति एकड़
{ विकसित की गई काॅलोनी में कन्वर्जन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नहीं लगेगा कोई चार्ज
{ रेवाड़ी, धारूहेड़ा औरा बावल शहर सरकार द्वारा अधिसूचित मध्यम जोन में होते हैं कवर